राजकीय इंटर कॉलेज में स्टाफ की कमी का मुद्दा उठाया, शिक्षा व्यवस्था सुधारने की मांग

मसूरी के सरकारी स्कूलों की बदहाल शिक्षा व्यवस्था का मुद्दा उठा — राजकीय इंटर कॉलेज में 80–90 बच्चों पर मात्र एक अध्यापक, उर्दू व कंप्यूटर शिक्षक की भी मांग
गाजियाबाद। ग्राम पंचायत मसूरी की शिक्षा व्यवस्था एवं छात्र-छात्राओं के भविष्य से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर आज मसूरी के जिम्मेदार साथियों ने जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS), गाजियाबाद के कार्यालय पहुंचकर दो महत्वपूर्ण ज्ञापन सौंपे।
ज्ञापन में राजकीय इंटर कॉलेज, ग्राम मसूरी की गंभीर समस्या को प्रमुखता से उठाया गया। विद्यालय में वर्तमान में लगभग 80–90 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं, जबकि शिक्षकों की संख्या बेहद कम है और वर्तमान में मात्र एक अध्यापक के सहारे पढ़ाई चल रही है।
पिछले दो वर्षों में विद्यालय में बच्चों की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन उसी अनुपात में शिक्षकों की व्यवस्था नहीं की गई है। बोर्ड परीक्षाओं के महत्वपूर्ण समय में पर्याप्त एवं विषयवार शिक्षक उपलब्ध नहीं होने से विद्यार्थियों की नियमित पढ़ाई, पाठ्यक्रम पूरा होने तथा परीक्षा की तैयारी पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
ज्ञापन में मांग की गई कि राजकीय इंटर कॉलेज मसूरी में तत्काल पर्याप्त एवं विषयवार शिक्षकों की नियुक्ति/तैनाती की जाए। यदि स्थायी नियुक्ति में समय लगता है तो बोर्ड परीक्षाओं तक वैकल्पिक अथवा अस्थायी शिक्षकों की व्यवस्था की जाए, ताकि बच्चों का शैक्षणिक वर्ष प्रभावित न हो।
जूनियर हाई स्कूल की समस्याएं भी उठाईं
दूसरे ज्ञापन में मसूरी स्थित जूनियर हाई स्कूल में उर्दू एवं कंप्यूटर शिक्षक की व्यवस्था किए जाने की मांग की गई। ज्ञापन में कहा गया कि विद्यालय में उर्दू विषय के योग्य शिक्षक की आवश्यकता है, जिससे बच्चों की उर्दू विषय की पढ़ाई प्रभावित न हो।
साथ ही विद्यालय में कंप्यूटर शिक्षक तथा पर्याप्त कंप्यूटर एवं आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराने की मांग की गई, ताकि बच्चों को आधुनिक एवं गुणवत्तापूर्ण कंप्यूटर शिक्षा मिल सके। शिक्षा समिति के पुनर्गठन की मांग
ज्ञापन में विद्यालय की शिक्षा समिति के पुनर्गठन की मांग भी प्रमुखता से रखी गई।
कहा गया कि समिति में शिक्षित, जागरूक एवं विद्यालय की शिक्षा व्यवस्था में रुचि रखने वाले अभिभावकों तथा स्थानीय लोगों को प्राथमिकता दी जाए। जो सदस्य समिति की जिम्मेदारियों का प्रभावी ढंग से निर्वहन नहीं कर पा रहे हैं, उनकी समीक्षा कर योग्य एवं सक्रिय सदस्यों को समिति में शामिल किया जाए।
अफसर अली, जिला अध्यक्ष, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी, गाजियाबाद ने कहा कि, “बच्चों की शिक्षा और उनका भविष्य किसी भी समाज की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। 80–90 बच्चों के लिए पर्याप्त शिक्षक नहीं होना गंभीर विषय है।
खासकर बोर्ड परीक्षाओं के समय विषयवार शिक्षकों की व्यवस्था तत्काल की जानी चाहिए। साथ ही जूनियर हाई स्कूल में उर्दू और कंप्यूटर शिक्षक तथा कंप्यूटर सुविधाएं उपलब्ध कराना भी आवश्यक है।”
उन्होंने जिला विद्यालय निरीक्षक से दोनों ज्ञापनों में उठाए गए सभी बिंदुओं पर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई करते हुए मसूरी के विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने की मांग की।
इस दौरान बीडीसी सदस्य मुंशी नजर मोहम्मद, ग्राम पंचायत सदस्य छोटे ठेकेदार, ग्राम पंचायत सदस्य अफसर अली, खुर्रम भाई (नाहल वाले) सहित अन्य जिम्मेदार साथी मौजूद रहे।
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