घाटों और दर्शक क्षेत्रों में बनेंगे पृथक प्रवेश-निकास द्वार
सीपी मोहित अग्रवाल ने पड़ाव चौराहा, रामनगर बाईपास, टेंगरा मोड़, डोमरी गंगा घाट, कोदोपुर घाट और पड़ाव से संदहा रिंग रोड तक के मार्गों का गहन जायजा लिया। उन्होंने निर्देश दिया कि:
* सभी प्रमुख घाटों और दर्शक स्थलों पर प्रवेश एवं निकास के अलग-अलग मार्ग बनाए जाएं।
* भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बैरिकेडिंग, होल्डिंग एरिया, क्यू (लाइन) मैनेजमेंट और पैदल आवागमन के लिए सुरक्षित मार्ग तय किए जाएं।
* किसी भी स्थान पर अचानक भीड़ एकत्रित न हो, इसके लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहे और सेक्टर/जोनवार व्यवस्था लागू की जाए।सुगम यातायात और पार्किंग व्यवस्था का खाका
30 लाख लोगों के आगमन को देखते हुए शहर की यातायात व्यवस्था को ध्वस्त होने से बचाने के लिए व्यापक ट्रैफिक डायवर्जन प्लान लागू किया जाएगा।
* ट्रैफिक डायवर्जन: मुख्य मार्गों पर दबाव कम करने के लिए वैकल्पिक मार्गों को चिह्नित कर पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। डायवर्जन प्लान का पहले से व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा।
* नो-अनधिकृत पार्किंग: गंगा तट के दोनों ओर निर्धारित पार्किंग स्थलों का ही उपयोग होगा। मुख्य मार्गों, संपर्क मार्गों और आपातकालीनEmergency) रास्तों पर किसी भी सूरत में अनियंत्रित पार्किंग की अनुमति नहीं होगी।
जल पुलिस, ड्रोन और CCTV से होगी निगरानी
सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने के लिए जल पुलिस, स्थानीय पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय स्थापित किया गया है।
* नदी क्षेत्र में सुरक्षा सीमा (बैरिकेडिंग) तय की जाएगी ताकि कोई भी असुरक्षित क्षेत्र में न जाए।
* संवेदनशील और अधिक भीड़ वाले इलाकों में CCTV कैमरों, ड्रोन और QRT (Quick Response Team) के जरिए कंट्रोल रूम से चौबीसों घंटे निगरानी की जाएगी।
बुजुर्गों, महिलाओं और दिव्यांगजनों के लिए विशेष सहायताबुजुर्गों, महिलाओं और दिव्यांगजनों के लिए विशेष सहायता
पुलिस आयुक्त ने अधिकारियों को हिदायत दी कि महिला, बच्चों, बुजुर्गों और दिव्यांगजनों की सुविधा व सुरक्षा में कोई कोर-कसर न छोड़ी जाए। प्रमुख दर्शक स्थलों पर 'सहायता डेस्क' और स्पष्ट संकेतक (Signages) लगाए जाएंगे ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
उन्होंने स्पष्ट किया कि इतने बड़े आयोजन को सुगम और सुरक्षित बनाना प्राथमिकता है। किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और समय-समय पर मॉक ड्रिल करके व्यवस्थाओं की समीक्षा की जाएगी।