भरतपुर में पंचायत चुनावों का बिगुल बजा, गांव-गांव में चर्चा तेज, विकास बना मुख्य मुद्दा
भरतपुर। जिले में पंचायत चुनावों को लेकर बिगुल बज चुका है। चुनाव की घोषणा के साथ ही गांव की हर गली-मोहल्ले, चौपाल और चाय की थड़ियों पर सिर्फ एक ही चर्चा है – पंचायत चुनाव। बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक सभी की जुबान पर वार्ड पंच, सरपंच, पंचायत समिति सदस्य और जिला परिषद सदस्य के चुनाव की बात है।
गांवों में प्रत्याशी अब पूरी तरह से मैदान में आ चुके हैं और जनसंपर्क में जुट गए हैं। घर-घर जाकर मतदाताओं को लुभाने का दौर शुरू हो गया है।
इस बार मतदाता काफी जागरूक नजर आ रहा है। एनडीटीवी राजस्थान की टीम ने जब ग्रामीणों से बात की तो ज्यादातर लोगों का कहना था कि वे इस बार व्यक्ति नहीं, बल्कि विकास को वोट देंगे। गांव की मूलभूत सुविधाएं ही चुनाव का सबसे बड़ा मुद्दा बनी हुई हैं। पढ़ाई, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं, साफ-सफाई, सड़क, बिजली और पानी की समस्या को लेकर लोग वोट करने का मन बना चुके हैं।
गांव उबार में ग्रामीणों ने साफ कहा कि जो प्रत्याशी गांव का विकास करेगा, गांव उसी को चुनेगा। वहीं मौजूदा सरपंच घनश्याम सिंह ने से बातचीत में दावा किया कि उनके कार्यकाल में गांव में काफी विकास कार्य कराए गए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गांवों के विकास के लिए काफी बजट दिया है, जिससे कई रुके हुए काम पूरे हुए हैं। अगर जनता ने उन्हें दोबारा मौका दिया तो बचे हुए सभी विकास कार्यों को प्राथमिकता से पूरा किया जाएगा।
फिलहाल गांव में चुनावी सरगर्मी चरम पर है।