रीवा/(चाकघाट) रीवा जिले की चाकघाट नगर परिषद में मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) शंखधर पांडे ने एक बार फिर अपने पद का कार्यभार संभाल लिया है। हाईकोर्ट से स्थगन (स्टे) मिलने के बाद उन्होंने विधिवत रूप से नगर परिषद चाकघाट पहुंचकर कार्यभार ग्रहण किया।
उनके दोबारा पदभार संभालने पर नगर परिषद कार्यालय में कर्मचारियों एवं स्थानीय लोगों ने उनका स्वागत किया। जानकारी के अनुसार, बीते दिनों एक कथित वायरल ऑडियो मामले को संज्ञान में लेते हुए कमिश्नर द्वारा सीएमओ शंखधर पांडे को निलंबित कर दिया गया था।
निलंबन आदेश के खिलाफ सीएमओ द्वारा हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। सुनवाई के बाद हाईकोर्ट से उन्हें स्थगन मिलने के पश्चात उन्होंने नगर परिषद चाकघाट में पुनः अपना कार्यभार ग्रहण किया।
करीब 20 दिनों के बाद सीएमओ शंखधर पांडे की वापसी से नगर परिषद के कामकाज को लेकर स्थानीय लोगों में भी उम्मीद जगी है। लोगों का कहना है कि लंबे समय से प्रभावित हो रहे नगर के मूलभूत कार्यों एवं नागरिक सुविधाओं से जुड़े मामलों में अब फिर से गति आने की संभावना है।
अतिरिक्त प्रभार के दौरान भी उठे सवाल
सीएमओ शंखधर पांडे पर कार्रवाई के बाद नगर परिषद त्योंथर के सीएमओ आनंद मिश्रा को चाकघाट नगर परिषद का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया था। हालांकि, खबर के अनुसार इस दौरान नगर परिषद के कामकाज और व्यवस्थाओं को लेकर स्थानीय स्तर पर सवाल उठते रहे।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि अतिरिक्त प्रभार के दौरान नगर परिषद के कई महत्वपूर्ण कार्यों में अपेक्षित सक्रियता नजर नहीं आई, जिसके कारण नागरिक सुविधाओं से जुड़े कुछ काम प्रभावित हुए। हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित अधिकारी का पक्ष सामने आना शेष है।
अब नियमित कामकाज की उम्मीद
सीएमओ शंखधर पांडे के दोबारा कार्यभार संभालने के बाद स्थानीय नागरिकों को उम्मीद है कि नगर परिषद में लंबित कार्यों, साफ-सफाई, पेयजल, सड़क, नाली सहित अन्य मूलभूत नागरिक सुविधाओं से जुड़े मामलों पर नियमित रूप से कार्रवाई होगी।