विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर श्री श्री रविशंकर का संदेशप्रेस नोट: विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर गुरुदेव श्री श्री रविशंकर का संदेश — दयालुता, ध्यान और श्वास तकनीकों से सुदृढ़ ब

प्रेस नोट:
विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर गुरुदेव श्री श्री रविशंकर का संदेश — दयालुता, ध्यान और श्वास तकनीकों से सुदृढ़ बनाएं मानसिक स्वास्थ्य
आबूरोड-सिरोही। विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर आयोजित ऑनलाइन सत्र में आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक गुरुदेव श्री श्री रविशंकर ने मानसिक स्वास्थ्य के महत्व, भावनात्मक संतुलन तथा समाज में बढ़ती हिंसा, अवसाद और अकेलेपन जैसी समस्याओं पर महत्वपूर्ण संदेश दिया। उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए दयालुता, प्रेम, करुणा, ध्यान और नियमित श्वास अभ्यास को जीवन का हिस्सा बनाने पर जोर दिया।
आर्ट ऑफ लिविंग की नेशनल मीडिया कोऑर्डिनेटर मनीषा ठाकुर ने बताया कि गुरुदेव ने अपने संदेश में कहा कि प्रत्येक व्यक्ति का स्वाभाविक स्वरूप दयालुता, प्रेम, करुणा और आनंद से परिपूर्ण होता है। यदि किसी व्यक्ति के व्यवहार में हिंसा या करुणा का अभाव दिखाई देता है, तो उसके पीछे अकेलापन, भय, अस्वीकृति की भावना और अपनेपन की कमी जैसे कारण हो सकते हैं। इसलिए किसी के व्यवहार को समझने के साथ-साथ उसकी भावनात्मक स्थिति को समझना भी आवश्यक है।
उन्होंने बताया कि मानसिक स्वास्थ्य आज पूरी दुनिया के सामने एक गंभीर चुनौती है। युवाओं में बढ़ता अवसाद, आक्रामकता और अकेलेपन की भावना चिंता का विषय है। केवल धन, परिवार, मित्रों और बाहरी सुविधाओं की उपलब्धता से ही व्यक्ति मानसिक रूप से प्रसन्न नहीं रह सकता। इसके लिए स्वयं के साथ समय बिताना, अपने मन को समझना और आंतरिक शांति विकसित करना भी जरूरी है।
आर्ट ऑफ लिविंग की संगीता अग्रवाल ने बताया कि इस वर्चुअल कार्यक्रम में गुरुदेव श्री श्री रविशंकर ने भावनात्मक जागरूकता, आत्मविश्वास, विनम्रता और आलोचना को सकारात्मक रूप से स्वीकार करने की क्षमता विकसित करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि परिवार और विद्यालयों में बच्चों को अपनी भावनाओं को समझने और उन्हें संतुलित ढंग से संभालने की शिक्षा देना भी आवश्यक है।
गुरुदेव ने श्वास और मन के गहरे संबंध पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हमारी श्वास स्वस्थ मन की कुंजी है। क्रोध, निराशा, ईर्ष्या और उदासी जैसी भावनाओं का प्रभाव हमारी श्वास पर भी पड़ता है। नियमित श्वास अभ्यास और ध्यान के माध्यम से मन को शांत, ऊर्जावान और संतुलित बनाने में सहायता मिल सकती है।
उन्होंने सुदर्शन क्रिया सहित विभिन्न श्वास तकनीकों और ध्यान के महत्व को रेखांकित करते हुए बताया कि ये अभ्यास तनाव और चिंता से निपटने तथा भावनात्मक संतुलन विकसित करने में सहायक हो सकते हैं। नियमित अभ्यास से व्यक्ति अपने मन और भावनाओं को बेहतर ढंग से समझने की दिशा में आगे बढ़ सकता है।
आर्ट ऑफ लिविंग, सिरोही के जिला मीडिया कोऑर्डिनेटर भूपेन्द्र सम्बरिया ने बताया कि विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर गुरुदेव का संदेश है कि मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता दें, अपनी भावनाओं को समझें तथा ध्यान और श्वास अभ्यास को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाएं। अपने व्यवहार में प्रेम, करुणा और दयालुता को स्थान देकर व्यक्ति न केवल अपने जीवन को बेहतर बना सकता है, बल्कि परिवार और समाज में भी सकारात्मकता का संचार कर सकता है।
*जय गुरुदेव! 🙏🌸*
*भूपेन्द्र सम्बरिया*
जिला मीडिया कोऑर्डिनेटर
आर्ट ऑफ लिविंग, आबूरोड-सिरोही
मोबाइल: 9828124646, 7792924646
🔔 Vande Bharat News Alerts
नई प्रमुख खबरों की browser notification पाने के लिए Subscribe करें।







