अवैध दवाओं के काले कारोबार पर बड़ा प्रहार: 92 लाख रुपये की 19 हजार से अधिक अवैध गर्भपात किटें जब्त, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग का शिकंजा तेज

🔴 तेजकुमार जारवाल
जिला रिपोर्टर | इंदौर
वंदे भारत LIVE TV NEWS
विशेष संवाददाता / इंदौर
अवैध दवाओं के काले कारोबार पर बड़ा प्रहार: 92 लाख रुपये की 19 हजार से अधिक अवैध गर्भपात किटें जब्त, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग का शिकंजा तेज
मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में स्वास्थ्य विभाग और पुलिस प्रशासन ने अवैध रूप से संचालित दवा कारोबार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। शहर में पिछले दिनों प्रशासन द्वारा मारे गए छापों के दौरान 92 लाख रुपये मूल्य की 19 हजार से अधिक अवैध गर्भपात (अबॉर्शन) किटों का भारी-भरकम जखीरा बरामद किया गया है। इस बड़े खुलासे के बाद से स्वास्थ्य विभाग और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है, और इस अवैध सप्लाई नेटवर्क के मुख्य सौदागरों तक पहुंचने के लिए लगातार दबिश और पूछताछ का दौर जारी है।
दो बड़े गोदामों पर हुई थी ताबड़तोड़ कार्रवाई
औषधि नियंत्रण विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों को मिली गुप्त सूचनाओं के आधार पर यह कार्रवाई की गई। शुरुआती जांच के तार जब शहर के कुछ प्रमुख केमिस्टों और गोदामों से जुड़े, तो टीमों ने शहर के अलग-अलग इलाकों (जैसे धार कोठी और लसूड़िया मोरी क्षेत्र) में स्थित वेयरहाउसों पर औचक निरीक्षण किया।
पहला बड़ा छापा: धार कोठी क्षेत्र में स्थित एक गोदाम पर की गई कार्रवाई के दौरान भारी मात्रा में गर्भपात किटें और अन्य प्रतिबंधित दवाइयां मिलीं, जिनकी कीमत करीब 52 लाख रुपये आंकी गई।
दूसरा बड़ा छापा: इसके बाद मिले दस्तावेजों और बिलों के आधार पर लसूड़िया मोरी स्थित 'मोदी ब्रदर्स एसोसिएट्स' के गोदाम पर दबिश दी गई, जहाँ से करीब 40 लाख रुपये मूल्य की 9,360 'सेफ-टी' मेडिकल अबॉर्शन किटें बरामद हुईं।
इन दोनों बड़ी कार्रवाइयों को मिलाकर कुल 19 हजार से ज्यादा अवैध किटें जब्त की गई हैं।
बिना डॉक्टर की पर्ची के धड़ल्ले से हो रहा था भंडारणनियमों के मुताबिक गर्भपात से जुड़ी ये दवाइयां बेहद संवेदनशील श्रेणी में आती हैं और इन्हें केवल पंजीकृत चिकित्सकों की वैध पर्ची (डॉक्टर्स प्रिसक्रिप्शन) और पुख्ता चिकित्सीय रिकॉर्ड के आधार पर ही अधिकृत स्थानों पर रखा व बेचा जा सकता है। लेकिन शुरुआती दस्तावेजों और बिलों की जांच में यह बात सामने आई कि इन दवाओं का भंडारण नियमों को ताक पर रखकर भारी मात्रा में किया गया था। प्रशासन अब यह खंगाल रहा है कि बिना वैध मांग और पर्चियों के इतनी बड़ी खेप किसके इशारे पर मंगाई गई थी।
अंतरराज्यीय नेटवर्क और अन्य राज्यों के कनेक्शन की सुगबुगाहट
जब्त किए गए बिलों, परिवहन दस्तावेजों (ट्रांसपोर्ट बिल्टी) और कंप्यूटर रिकॉर्ड्स की गहराई से छानबीन के दौरान मध्य प्रदेश के अलावा गुजरात और उत्तर प्रदेश की कुछ फर्मों के नाम भी सामने आए हैं। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या इन दवाओं की सप्लाई किसी बड़े अंतरराज्यीय अवैध नेटवर्क के जरिए हो रही थी और इंदौर के अलावा इन्हें प्रदेश के किन-किन अन्य जिलों या अवैध क्लीनिकों तक पहुंचाया जाना था।
राजनीतिक हलकों में भी गरमाया मुद्दा, कड़ी कार्रवाई की मांग
इतनी बड़ी मात्रा में गर्भपात किटों का अवैध स्टॉक पकड़े जाने के बाद जनप्रतिनिधियों ने भी इस पर गहरी चिंता जताई है। स्थानीय विधायकों और जिम्मेदार नेताओं ने इसे एक गंभीर साजिश करार देते हुए पूरे सिंडिकेट की तह तक जाने और दोषियों पर सख्त से सख्त राष्ट्रीय सुरक्षा या कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
कलेक्टर बोले- बख्शे नहीं जाएंगे दोषी
मामले को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सख्त नजर आ रहा है। जिला कलेक्टर शिवम वर्मा ने स्पष्ट किया है कि इस अवैध कारोबार में संलिप्त पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति या फर्म को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीमें दस्तावेजों के आधार पर हर एक कड़ी को जोड़ने में जुटी हैं, और आने वाले दिनों में कुछ और बड़े खुलासे व गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई जा रही है।
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