जिला रिपोर्टर सुरेश चौहान आगर मालवा मध्य प्रदेश कर्मचारियों के हक पर देरी पड़ी भारी तो कटेगा वेतन! कलेक्टर डॉ. मीना सख्त* *समयमान-वेतनमान, डीए, एरियर से लेकर* *पेंशन-ग्रेच्युटी तक

आगर-मालवा, 12 अक्टूबर। सरकारी कर्मचारियों के स्वत्वों के भुगतान में देरी और सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों को नजरअंदाज करने वाले अधिकारियों पर अब प्रशासन सख्त रुख अपनाने जा रहा है। कलेक्टर डॉ. शेर सिंह मीना ने जिलाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि शासकीय कर्मचारियों के कल्याण से जुड़े प्रकरणों का त्वरित निराकरण कर समयमान-वेतनमान, डीए, एरियर, अवकाश नगदीकरण, पेंशन और ग्रेच्युटी सहित सभी देयकों का भुगतान सुनिश्चित किया जाए। इन प्रकरणों को एक सप्ताह में निराकृत करने के निर्देश दिए गए हैं।
सोमवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित समय-सीमा पत्रों की साप्ताहिक समीक्षा बैठक में कलेक्टर ने अधिकारियों को दो टूक कहा कि कर्मचारियों को उनके अधिकारों के लिए अनावश्यक इंतजार नहीं करना पड़े। आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति से संबंधित प्रकरणों का भी समय-सीमा में निराकरण किया जाए।
*सीएम हेल्पलाइन में लापरवाही पर वेतन कटौती की तैयारी*
सीएम हेल्पलाइन की विभागवार समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने शिकायतों को गंभीरता से नहीं लेने वाले अधिकारियों पर नाराजगी जताई। उन्होंने निर्देश दिए कि पिछली बैठकों में स्पष्ट आदेश दिए जाने के बावजूद शिकायतों को अटेंड नहीं करने वाले एल-1 अधिकारियों को एक दिन का वेतन काटने के लिए नोटिस जारी किए जाएं।
कलेक्टर ने राजस्व, ऊर्जा, पंचायती राज, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, स्वास्थ्य तथा महिला एवं बाल विकास विभाग को सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों के निराकरण में सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिकायतों का संतुष्टिपूर्ण निराकरण कर उन्हें बंद करवाया जाए और विभागीय रैंकिंग में सुधार लाया जाए। इन विभागों के कार्यों की प्रतिदिन शाम को समीक्षा भी की जाएगी।
*जनविश्वास शिविरों के आवेदनों पर भी समयसीमा तय*
जनविश्वास शिविरों में प्राप्त आवेदनों को लेकर भी कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक आवेदन का निराकरण कर संबंधित आवेदक को लिखित में सूचना दी जाए। उन्होंने कहा कि आवेदनों का यथासंभव निराकरण शिविर में ही किया जाए। जिन मामलों में जिला या राज्य स्तर पर कार्रवाई जरूरी है, उनमें वरिष्ठ कार्यालयों से समन्वय स्थापित कर अधिकतम एक सप्ताह में निराकरण सुनिश्चित किया जाए।
*बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद*
बैठक में एडीएम डॉ. शालिनी श्रीवास्तव, जिला पंचायत सीईओ बीएस सोलंकी, संयुक्त कलेक्टर मिलिंद ढोके, सुसनेर एसडीएम देवकुंवर सोलंकी, आगर एसडीएम कमल मंडलोई सहित विभिन्न विभागों के जिलाधिकारी उपस्थित रहे।
*संदेश साफ है*: कर्मचारियों के लंबित भुगतान हों या आमजन की शिकायतें, दोनों मामलों में अनावश्यक देरी अब अधिकारियों के लिए जवाबदेही का कारण बनेगी।
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