अपनी ही सरकार के खिलाफ धरने पर शिवराज”: सज्जन सिंह वर्मा का तंज, बीजेपी नेताओं को दिया दिल्ली आने का न्यौता

🔴तेजकुमार जारवाल
जिला रिपोर्टर | इंदौर
वंदे भारत LIVE TV NEWS
विशेष संवाददाता इंदौर:
भोपाल/ मध्यप्रदेश के पूर्व मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सज्जन सिंह वर्मा ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तानाशाही के आरोप लगाते हुए भाजपा शासित राज्यों के नेताओं से लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए कांग्रेस के साथ आने की अपील की है। वर्मा ने कहा कि देश में हालात ऐसे हो गए हैं कि केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान को भी न्याय और इंसाफ की मांग के लिए सीहोर में धरने पर बैठना पड़ रहा है।
देश में बताई आपातकाल जैसी स्थिति
सज्जन सिंह वर्मा ने अपने बयान में कहा कि नरेंद्र मोदी की कथित तानाशाही के कारण देश में आपातकाल जैसे हालात बन गए हैं। उन्होंने दावा किया कि भाजपा शासित राज्यों में भी कई वरिष्ठ नेता पार्टी नेतृत्व के रवैये से असंतुष्ट और परेशान हैं। वर्मा ने इन नेताओं से अपील की कि वे पार्टीगत सीमाओं से ऊपर उठकर लोकतंत्र की रक्षा के लिए आगे आएं।
राहुल गांधी के नेतृत्व में दिल्ली मार्च में शामिल होने की अपील
कांग्रेस नेता ने भाजपा के वरिष्ठ नेताओं को संबोधित करते हुए कहा कि वे अगले दिन सुबह की फ्लाइट से दिल्ली पहुंचें और राहुल गांधी के नेतृत्व में आयोजित मार्च में हिस्सा लें। उन्होंने इस पहल को भारतीय संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा से जोड़ते हुए इसे एक बड़े अभियान का हिस्सा बताया। वर्मा ने कहा कि लोकतंत्र को बचाने की जिम्मेदारी केवल किसी एक राजनीतिक दल की नहीं है, बल्कि उन सभी लोगों की है जो संवैधानिक व्यवस्था और नागरिक अधिकारों में विश्वास रखते हैं। उन्होंने भाजपा नेताओं से भी इस अभियान में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने का आग्रह किया।
शिवराज सिंह चौहान के धरने का दिया हवाला
सज्जन सिंह वर्मा ने अपने बयान में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के धरने का उल्लेख करते हुए भाजपा सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब सत्तारूढ़ दल के वरिष्ठ नेता को भी न्याय की मांग के लिए धरने पर बैठना पड़ रहा है, तो इससे व्यवस्था की स्थिति पर सवाल खड़े होते हैं। वर्मा के बयान से साफ है कि कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार और भाजपा नेतृत्व को घेरने की तैयारी में है। हालांकि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह पर लगाए गए तानाशाही के आरोप कांग्रेस नेता के राजनीतिक दावे हैं। इन आरोपों पर भाजपा की प्रतिक्रिया सामने आने के बाद मामले पर दोनों पक्षों का रुख स्पष्ट हो सकेगा।
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