सैनिक कल्याण विभाग जोधपुर की ओर से गौरव सेनानी समस्या समाधान एवं दस्तावेज संबंधी मामलों पर मार्गदर्शन

जोधपुर : पीपाड़ सिटी में जिला सैनिक कल्याण कार्यालय, जोधपुर की ओर से पूर्व सैनिकों, वीरांगनाओं, वीर नारियों एवं उनके आश्रितों की समस्याओं के समाधान तथा उन्हें विभिन्न सरकारी कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से गौरव सेनानी समस्या समाधान शिविर आयोजित किया गया। शिविर का आयोजन जिला सैनिक कल्याण अधिकारी कर्नल जयदेव सिंह राठौड़ के नेतृत्व में किया गया।
इसमें पीपाड़ सिटी एवं आसपास के क्षेत्रों से लगभग 45 पूर्व सैनिकों ने भाग लेकर अपनी समस्याएं एवं सुझाव प्रस्तुत किए। शिविर में पूर्व सैनिकों ने पेंशन, स्पर्श पोर्टल, जीवन प्रमाण पत्र, कैंटीन सुविधाओं, पूर्व सैनिक पहचान पत्र, दस्तावेजों में संशोधन, आश्रितों से संबंधित मामलों तथा अन्य सैनिक कल्याण योजनाओं से जुड़े विषयों पर चर्चा की।
अधिकारियों एवं उपस्थित प्रतिनिधियों ने प्रत्येक मामले को गंभीरता से सुनते हुए आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया। साथ ही, जिन मामलों में अन्य विभागों की भूमिका आवश्यक थी, उनके समाधान के लिए संबंधित विभागों से समन्वय स्थापित करने का आश्वासन दिया गया।
इस अवसर पर पूर्व सैनिकों ने स्थानीय स्तर पर सैनिक कल्याण संबंधी सुविधाओं को और अधिक सुलभ बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि पेंशन, प्रमाण पत्र, दस्तावेजों तथा सरकारी योजनाओं से संबंधित कार्यों के लिए कई बार दूर स्थित कार्यालयों में जाना पड़ता है, जिससे बुजुर्ग पूर्व सैनिकों, वीरांगनाओं एवं उनके परिवारों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
शिविर के माध्यम से इन समस्याओं को स्थानीय स्तर पर सुनने और उनके समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई। शिविर में कर्नल धनाराम सिहाग, सेवानिवृत्त, सूबेदार मेजर नरपत सिंह, मानद कैप्टन ओमप्रकाश माली तथा हवलदार शाहिद खान सहित अनेक पूर्व सैनिक एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
उपस्थित पूर्व सैनिक पदाधिकारियों ने शिविर के आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे शिविरों से पूर्व सैनिकों को अपनी समस्याएं सीधे अधिकारियों के समक्ष रखने का अवसर मिलता है और उनके समाधान की प्रक्रिया में तेजी आती है। कार्यक्रम के दौरान जिला सैनिक कल्याण अधिकारी कर्नल जयदेव सिंह राठौड़ ने पीपाड़ सिटी के उपखंड अधिकारी श्री नेमाराम जी तथा नगर पालिका अध्यक्ष से भी मुलाकात की।
इस दौरान पीपाड़ सिटी में पूर्व सैनिकों की बैठक, जनसंपर्क, समस्या समाधान, दस्तावेजी सहायता तथा विभिन्न कल्याणकारी गतिविधियों के संचालन के लिए सैनिक कल्याण केंद्र स्थापित करने हेतु भूमि आवंटन के विषय पर विस्तार से चर्चा की गई। कर्नल जयदेव सिंह राठौड़ ने प्रशासनिक अधिकारियों को बताया कि पीपाड़ सिटी एवं आसपास के क्षेत्रों में बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक, वीरांगनाएं, वीर नारियां तथा उनके आश्रित निवास करते हैं।
यदि यहां सैनिक कल्याण केंद्र स्थापित किया जाता है, तो उन्हें पेंशन, स्पर्श पोर्टल, जीवन प्रमाण पत्र, कैंटीन सुविधाओं, सरकारी योजनाओं तथा अन्य आवश्यक सेवाओं से संबंधित मार्गदर्शन स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि सैनिक कल्याण केंद्र पूर्व सैनिकों के लिए संपर्क, सहायता और मार्गदर्शन का महत्वपूर्ण केंद्र साबित होगा।
इसके माध्यम से पूर्व सैनिकों की समस्याओं को व्यवस्थित रूप से दर्ज कर संबंधित विभागों तक पहुंचाया जा सकेगा तथा उनके समाधान की नियमित निगरानी भी की जा सकेगी। केंद्र में पूर्व सैनिकों की बैठकें, जागरूकता कार्यक्रम, कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी तथा आवश्यक दस्तावेजी सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा सकती है।
कर्नल जयदेव सिंह राठौड़ ने कहा कि देश की सुरक्षा में अपना महत्वपूर्ण योगदान देने वाले पूर्व सैनिकों एवं उनके परिवारों का सम्मान और कल्याण सुनिश्चित करना सैनिक कल्याण विभाग की प्राथमिकता है। विभाग का प्रयास है कि पूर्व सैनिकों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए अनावश्यक रूप से दूर स्थित कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें और उन्हें स्थानीय स्तर पर समयबद्ध, पारदर्शी एवं प्रभावी सहायता उपलब्ध हो।
उपखंड अधिकारी एवं नगर पालिका अध्यक्ष के साथ हुई चर्चा में सैनिक कल्याण केंद्र के लिए उपयुक्त भूमि की उपलब्धता, प्रशासनिक प्रक्रिया तथा आवश्यक सहयोग के संबंध में विचार-विमर्श किया गया। इस पहल से पीपाड़ सिटी क्षेत्र के पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को भविष्य में बेहतर सुविधाएं मिलने की उम्मीद है।
शिविर के अंत में उपस्थित पूर्व सैनिकों ने जिला सैनिक कल्याण कार्यालय, जोधपुर एवं जिला सैनिक कल्याण अधिकारी कर्नल जयदेव सिंह राठौड़ का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के समस्या समाधान शिविर पूर्व सैनिकों की समस्याओं को समझने, उनका समाधान कराने और विभागीय योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने में अत्यंत उपयोगी हैं।
शिविर का मुख्य उद्देश्य पूर्व सैनिकों, वीरांगनाओं, वीर नारियों एवं उनके आश्रितों तक पहुंचकर उनकी समस्याओं का समाधान करना, उन्हें सरकारी कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देना तथा उनके सम्मान, सुविधा और कल्याण के लिए स्थानीय प्रशासन के सहयोग से प्रभावी व्यवस्थाएं विकसित करना रहा।
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