स्कूली बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता, लापरवाही बरतने वाले विद्यालयों के विरुद्ध होगी सख्त कार्यवाही : जिलाधिकारी

स्कूली वाहनों की जांच के लिए अभियान चलाने, निर्धारित मानकों का
अनुपालन सुनिश्चित करने तथा पूर्व में हुई सड़क दुर्घटनाओं की जांच
कराने के दिए निर्देश हाथरस। जिला विद्यालय यान परिवहन सुरक्षा
समिति की बैठक विगत दिनांक को कलेक्ट्रेट सभागार में करते हुए
जिलाधिकारी सत्य प्रकाश पटेल ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को
अभियान चलाकर स्कूली वाहनों की जांच करने तथा निर्धारित मानकों
का अनुपालन न करने वाले विद्यालयों एवं वाहन संचालकों के विरुद्ध
नियमानुसार सख्त कार्यवाही करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि
स्कूली बच्चों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं
किया जाएगा। जिलाधिकारी ने कहा कि बच्चे देश का भविष्य हैं और
उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। बच्चों के
जीवन एवं भविष्य के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही क्षम्य नहीं
होगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को स्कूली परिवहन व्यवस्था को
सुरक्षित बनाने तथा यातायात नियमों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित
कराने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि स्कूली वाहन
चालकों एवं परिचालकों का समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण कराया
जाए तथा वाहनों की फिटनेस की नियमित जांच सुनिश्चित की जाए।
किसी भी वाहन में निर्धारित क्षमता से अधिक बच्चों को न बैठाया जाए।
विद्यालय संचालक निर्धारित 29 बिंदुओं की जांच सूची के आधार पर
पहले स्वयं अपने वाहनों की जांच कर लें। इसके उपरांत विभागीय
अधिकारियों द्वारा वाहनों की जांच की जाएगी। जांच में कमियां पाए
जाने पर संबंधित विद्यालय के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने जनपद में जिन विद्यालयों के वाहनों से पूर्व में सड़क दुर्घटनाएं हुई
हैं, उनकी जांच के लिए समिति गठित कर रिपोर्ट उपलब्ध कराने के
निर्देश दिए। दुर्घटना होने अथवा बच्चों की मृत्यु की स्थिति में विद्यालय
प्रबंधन की जवाबदेही तय करते हुए नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की
जाएगी। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि स्कूली एवं निजी वाहनों से आने
वाले बच्चों को विद्यालय परिसर के अंदर ही उतारा जाए तथा छुट्टी के
बाद परिसर के अंदर से ही वाहनों में बैठाया जाए। इस व्यवस्था की
नियमित जांच की जाए। साथ ही, बच्चों के ई-रिक्शा से विद्यालय
पर रोक सुनिश्चित करने के लिए अभिभावकों को जागरूक किया जाए। उन्होंने कहा कि शासन के निर्देशों का उल्लंघन करने वाले स्कूली वाहनों का पंजीकरण निरस्त करने की कार्रवाई की जाए। संबंधित अधिकारी नियमित निरीक्षण कर यातायात नियमों के प्रति बच्चों को जागरूक करें तथा स्कूली परिवहन व्यवस्था को सुरक्षित बनाना सुनिश्चित करें। बैठक में अपर जिलाधिकारी न्यायिक, अपर पुलिस अधीक्षक, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, क्षेत्राधिकारी यातायात, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, जिला सूचना अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी, यातायात निरीक्षक, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग, परियोजना निदेशक भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण तथा प्रभारी अधिकारी भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
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