गरबा पंडाल में नाबालिग से बदसलूकी मामला: भाजपा मंडल अध्यक्ष कमल चौहान पर POCSO एक्ट के तहत FIR दर्ज

🔴तेजकुमार जारवाल
जिला रिपोर्टर | इंदौर
वंदे भारत LIVE TV NEWS
विशेष संवाददाता
इंदौर /
मध्य प्रदेश में एक गरबा पंडाल के दौरान सांस्कृतिक गरिमा और महिला सुरक्षा को तार-तार करने वाली एक शर्मनाक घटना सामने आई है। पर्वतीय और सांस्कृतिक उल्लास के माहौल के बीच आयोजित एक गरबा कार्यक्रम में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के मंडल अध्यक्ष कमल चौहान पर एक 15 वर्षीय नाबालिग किशोरी के साथ बदसलूकी और छेड़छाड़ करने का गंभीर आरोप लगा है।
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी नेता के खिलाफ पोक्सो अधिनियम (POCSO Act) और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सुसंगत धाराओं के तहत एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली है। वहीं, राजनीतिक दबाव बढ़ने के बाद पार्टी संगठन ने भी आरोपी को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है।
क्या है पूरा मामला? प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना शहर के एक लोकप्रिय गरबा पंडाल की है, जहां बड़ी संख्या में युवा और परिवारजन नवरात्रि के पावन पर्व पर उत्सव मनाने पहुंचे थे।
आरोप है कि आयोजन के दौरान भाजपा मंडल अध्यक्ष कमल चौहान ने वहां मौजूद 15 वर्षीय किशोरी के साथ अनुचित व्यवहार किया और बदसलूकी की। घटना के तुरंत बाद पंडाल में मौजूद कुछ लोगों ने इस पूरी करतूत का वीडियो अपने मोबाइल कैमरे में रिकॉर्ड कर लिया।
देखते ही देखते यह वीडियो सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्म्स पर तेजी से वायरल हो गया। वीडियो सामने आने के बाद पीड़िता के परिजनों और स्थानीय नागरिकों में भारी आक्रोश फैल गया।
पुलिस की सख्त कार्रवाई: POCSO के तहत मामला दर्ज
वीडियो वायरल होने और शुरुआती जांच में पुख्ता सबूत मिलने के बाद पुलिस हरकत में आई। पीड़िता और उसके परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने कड़ा रुख अपनाते हुए आरोपी कमल चौहान के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, चूंकि पीड़िता नाबालिग (उम्र 15 वर्ष) है, इसलिए मामले में लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम (POCSO Act) के साथ-साथ अन्य प्रासंगिक धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि वायरल वीडियो को साक्ष्य के रूप में सुरक्षित रख लिया गया है और तकनीकी जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
आरोपी की गिरफ्तारी के लिए भी दबिश दी जा रही है। राजनीतिक हलचल और पार्टी का एक्शन
सत्तारूढ़ दल से जुड़े एक पदाधिकारी पर नाबालिग से जुड़े इतने गंभीर आरोप लगने के बाद राजनीतिक गलियारों में भूचाल आ गया है।
विपक्षी दलों ने इस मुद्दे को लेकर सरकार और संगठन को घेरना शुरू कर दिया है। मामले की गंभीरता को भांपते हुए भारतीय जनता पार्टी संगठन ने भी सख्त कदम उठाया है।
भाजपा के उच्च नेतृत्व ने आरोपी कमल चौहान को तत्काल प्रभाव से कारण बताओ नोटिस (Show Cause Notice) जारी कर दिया है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा के प्रति पार्टी की नीति जीरो टॉलरेंस (Zero Tolerance) की है, और ऐसे कृत्यों में लिप्त पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
पार्टी स्तर पर भी आरोपी के खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना ने सार्वजनिक आयोजनों और विशेषकर गरबा पंडालों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जब आयोजनों में जनप्रतिनिधि और रसूखदार लोग ही इस तरह की हरकतों में लिप्त पाए जाते हैं, तो आम जनता की बेटियों की सुरक्षा की गारंटी कौन लेगा—यह सवाल अब हर आम नागरिक की जुबान पर है। फिलहाल, पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है और यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रही है कि पीड़िता को जल्द से जल्द न्याय मिले।
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