महर्षि वाल्मीकि मानवीय मूल्यों के महान प्रतीक -महापोर बुबकिया

महर्षि वाल्मीकि मानवीय मूल्यों के महान प्रतीक -महापोर बुबकिया
पाली मे महर्षि वाल्मीकि जयन्ति मनाई धूमधान से, प्रतिभाओ का हुआ सम्मान
पाली 26 अक्टूम्बर । जिला स्तरीय वाल्मिकी जयन्ति समिति की ओर से सोमवार को समाज के गणमान्य समाज बन्धुओं, संतो के सानिध्य में वाल्मिकी जयन्ति समारोह धूमधाम के साथ मनाया गया।
संयोजक दिनेश अटवाल ने बताया कि समारोह कि तहत समाज कीयुवा शक्ति द्वारा जिला कलेक्टर कार्यालय से वाहन रैली निकाली गई । वाहन रैली के आगे डीजे बैण्ड की सुमधुर ध्वनी में सामाजिक एकता से ओतप्रोत भजनों एवं विभिन्न झांकियो के साथ मस्तानबाबा दरगाह से अपना घर होते हुए बाण्डी नदी मुख्य पुलिये से समारोह स्थल पर पहुंचती
द्वीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ कार्यक्रम का आगाज – सह सयोंजक नरेन्द्र कण्डारा ने बताया कि कार्यक्रम का आगाज नगर निगम महापौर नमिता बुबकिया, पूर्व सभापति महेन्द्र बोहरा,विकास बुबकिया,नवीन बागोरिया, जीतू भाई द्वारा महर्षि वाल्मिकी की तस्वीर के समक्ष माल्यार्पण के साथ हुआ। कार्यक्रम मे महापौर बुबकिया ने कहा कि
महर्षि वाल्मीकि भारतीय संस्कृति, साहित्य, अध्यात्म और मानवीय मूल्यों के महान प्रतीक हैं। उन्हें आदिकवि अर्थात् संस्कृत का प्रथम महाकवि और विश्वप्रसिद्ध महाकाव्य रामायण का रचयिता माना जाता है। उनका जीवन ज्ञान, तपस्या, साधना, करुणा और आत्मपरिवर्तन का प्रेरणादायक उदाहरण है।
पूर्व सभापति बोहरा ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि ने भगवान श्रीराम के जीवन, आदर्शों, कर्तव्यनिष्ठा, त्याग, मर्यादा और धर्म के माध्यम से समाज को जीवन जीने की श्रेष्ठ राह दिखाई। उनकी शिक्षाएं आज भी भारतीय समाज को नैतिकता, सत्य, न्याय और सदाचार की प्रेरणा देती हैं। कार्यक्रम मे सोजत रोड पालिका अध्यक्ष भावना ढंजा भी मौजूद रही।
घोषणाओ से मन हुआ हर्षित – कार्यक्रम मे समाज के भामाशाह कानाराम आदिवाल, महेन्द्र खिंची द्वारा महर्षि वाल्मीकि महाराज नवल साहेब की मूर्ति लगाने की घोषणा की गई। इस मौके पर द्वारका प्रसाद जावा, देवाराम ढंजा,भीखाराम महाराज, कमलेश जावा, लक्ष्मण ढंजा, मोतीलाल आदिवाल, अशोक चनाल,नरपत कंडारा,मुकेरूा बारेसा, राकेश कंडारा, मूलचन्द आदिवाल, अर्जुनचौहान, रवि बारेसा, मुकेश कुमार जावा आदि मौजूद रहे।
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