दबंग व्यक्तियों एवं पुलिस कर्मियों ने जीना किया आराम

#दबंगों_एवं_पुलिसकर्मीयो_ने_जीना_किया_हराम : भरतपुर जिले में चिकसाना क्षेत्र के फुलवारा गांव में दबंगों की गुंडागर्दी और पुलिस की कथित मिलीभगत का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। पीड़ित विष्णु पुत्र गंगासहाय के अनुसार अपने खेत पर सरसों की फसल देखने गए विष्णु पर दबंगों ने जानलेवा हमला कर दिया था। पीड़ित विष्णु का कसूर सिर्फ इतना था कि उसने अपने लहलहाते खेत के बीच से अवैध रूप से ट्रैक्टर-ट्रॉली निकालने और फसल बर्बाद करने का विरोध किया था। पीड़ित विष्णु का आरोप है कि इसके बाद कान्हा, दुर्गासिंह, परषोत्तम, अटल सिंह, हरिशचन्द, राजाराम और डालचन्द ने मिलकर पीड़ित को जबरन दबोच लिया था। गांव में दिनदहाड़े सरेआम बेखौफ दबंगों ने न केवल पीड़ित का रास्ता रोका था बल्कि उसके साथ लूटपाट करते हुए उसका मोबाइल, 3,000₹ की नकदी और एक चांदी की चैन जबरन छीन ली थी। पीड़ित विष्णु के अनुसार जब उसने अपनी चीजें वापस मांगी तब आरोपियों ने पीपला गांव से अपने अन्य साथियों को अवैध हथियारों, लाठियों, डंडों, ट्रैक्टर की पटली और जेसीबी के प्रेशर पाइप से लैस होकर बुला लिया था जिसमें धारा 302 (ह*त्या) के मामले में पैरोल पर छूटे आरोपी अटला और डालचन्द भी शामिल थे। दोनों आरोपियों ने कानून को ठेंगे पर रखकर पीड़ित विष्णु को डराया-धमकाया था साथ ही जीतू की गाड़ी में पटककर उसका अपहरण कर लिया था। पीड़ित विष्णु को अपने घर ले गए दंबगों ने पीड़ित विष्णु को बंधक बनाकर उससे मारपीट की थी।
प्राप्त जानकारी अनुसार पीड़ित विष्णु ने बताया है कि गांव में दिनदहाड़े सरेआम बेखौफ बदमाशों ने अंजाम दी इस खौफनाक वारदात के दौरान जब पीड़ित विष्णु के बड़े भाई ब्रह्मानन्द ने पुलिस हेल्पलाइन (100 नम्बर) पर कॉल कर मदद मांगी थी लेकिन न तो मौके पर पुलिस पहुंची थीं और न ही आरोपियों के घर पुलिस पहुंची थी। पीड़ित विष्णु का आरोप है कि पीपला पुलिस चौकी के कांस्टेबल अमरसिंह ने घटनास्थल पर पहुंचने के बजाय आरोपियों को फोन कर अपहृत युवक को चौकी लाने का फरमान सुना दिया था। पीड़ित विष्णु का आरोप है कि पीपला पुलिस चौकी पहुंचने पर कांस्टेबल अमरसिंह ने दबंगों का साथ देते हुए पीड़ित विष्णु को सरेआम धमकी दी थी और डरा-धमकाकर कोरे कागज पर जबरन हस्ताक्षर करवा लिए थे। पीड़ित विष्णु का आरोप है कि कांस्टेबल अमरसिंह ने रसूख दिखाते हुए कहा था कि "तू कहीं भी चला जा, मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता है"। पीड़ित विष्णु के अनुसार इस बीच जब उसका भाई उसे बचाने पहुंचा था तब आरोपी कलुआ ने उसके हाथ पर चाकू से वार कर दिया था जबकि अटला ने कनपटी पर अवैध कट्टा तानकर जान से मारने की नीयत दिखाई थी। पीड़ित विष्णु का कहना है कि आरोपी उनकी जमीन पर अवैध कब्जा करना चाहते हैं, उनके खेत से जबरन पत्थर व मिट्टी चोरी कर रहे हैं और खेत को शराब पीने का अड्डा बना रखा है। वर्तमान समय में दबंगों के खौफ एवं पुलिसिया मिलीभगत और रास्ते में अनहोनी की आशंका के कारण पीड़ित विष्णु अब चिकसाना पुलिस थाने पर जाने तक से डर रहा है।
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