बिहार में सरकारी शिक्षकों के प्रमाण पत्रों की जांच को लेकर शिक्षा विभाग ने सख्ती बढ़ा दी है। राज्य सरकार अब करीब 80 हजार शिक्षकों के शैक्षणिक और प्रशिक्षण प्रमाण पत्रों का सत्यापन कराएगी। बुधवार को शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में यह फैसला लिया गया।
रिपोर्टर साहिल राज आगाज टाइम
बैठक में बताया गया कि बिहार में करीब 3.20 लाख शिक्षकों के प्रमाण पत्रों की जांच होनी है। इनमें से 2.40 लाख शिक्षकों के दस्तावेजों का सत्यापन पूरा हो चुका है। जांच के दौरान अब तक करीब 1700 शिक्षक फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर नौकरी करते पाए गए हैं।
शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने अधिकारियों को बाकी बचे प्रमाण पत्रों का सत्यापन जल्द पूरा करने का निर्देश दिया है। साथ ही फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी पाने वाले शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा है।
इसके अलावा शिक्षा विभाग ने शिक्षकों की उपस्थिति पर भी सख्ती दिखाई है। करीब 5 प्रतिशत शिक्षकों द्वारा उपस्थिति दर्ज नहीं करने के मामले में भी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।