
*“Pause • Verify • Report— स्मार्ट बनें, सुरक्षित*
*रहें”-पुलिस अधीक्षक जींद*
तेज़ी से बढ़ते ऑनलाइन फ्रॉड और साइबर अपराधों को देखते हुए पुलिस अधीक्षक जींद ने सभी जिला वासियों से अपील करते हुए कहा कि PVR(“Pause • Verify • Report) मॉडल साइबर अपराधों से बचने का सबसे आसान और असरदार हथियार है
पुलिस अधीक्षक जींद ने कहा कि कोई भी संदिग्ध कॉल, लिंक, मैसेज या पैसे की डिमांड आए तो — एकदम न मानें, रुक जाएँ, घबराहट स्कैमर का सबसे बड़ा हथियार है। कॉल करने वाले का नाम, पहचान और कारण सत्यापित करें । बैंक, पुलिस, कोर्ट, या सरकारी विभाग कभी भी OTP, PIN, UPI या अकाउंट डिटेल नहीं मांगते । WhatsApp DP, Truecaller नाम या लोगो को देखकर भरोसा न करें — ये सब फर्जी हो सकते हैं।
एक सवाल हमेशा पूछें: “ये मुझसे क्यों मांग रहा है… और अभी ही क्यों?”
कोई धोखा हो जाए या होने की आशंका लगे तो तुरंत 1930 पर कॉल करें।
जितनी जल्दी सूचना देंगे, उतनी जल्दी आपके पैसे फ्रीज़ होकर वापस भी आ सकते हैं।
जींद पुलिस की साइबर टीम 24×7 आपकी मदद के लिए तैयार है।
जब भी कोई संदिग्ध चीज़ दिखे —
PVR चलाओ… और स्कैमर का शो ख़त्म करो।
जनता के लिए विशेष अपील — एसपी जींद
👉 किसी भी लिंक पर क्लिक करने से पहले दो बार सोचें
👉इंस्टेंट लोन ऐप, अडल्ट साइट्स, सस्ते ऑफर, गेमिंग रिवॉर्ड—सबसे सावधान
👉 किसी भी स्क्रीन-शेयरिंग ऐप से दूर रहें
👉 निजी फोटो/वीडियो पर ब्लैकमेल हो — झिझकें नहीं, तुरंत पुलिस को बताएं
👉बच्चों और बुज़ुर्गों को PVR मॉडल ज़रूर समझाएँ
शिकायत करें — मदद लें
1930 (National Cyber Helpline)
www.cybercrime.gov.in
एसपी जींद का संदेश — सुरक्षा व्यवहार से आती है, तकनीक से नहीं
“अगर जींद का हर नागरिक PVR को अपनी रोज़मर्रा की आदत बना ले —
तो स्कैमर का खेल, यहीं से खत्म हो जाएगा।”














