
सर सैयद डे के अवसर पर इटवा में एक सेमिनार का आयोजन किया गया, जिसमें सर सैयद अहमद खान के जीवन और उनकी शैक्षिक सोच पर चर्चा की गई। इस मौके पर मुख्य अतिथि कुशीनगर जनपद के उपजिलाधिकारी मोहम्मद जफर ने शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि समाज का विकास तभी संभव है, जब सभी लोग शिक्षित हों।
उन्होंने कहा, “हमें अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा के लिए बेहतर
विकास बहुत मुश्किल है।”
समाज के पिछड़ेपन पर चिंता
एसडीएम जफर ने कहा कि सर सैयद ने अल्पसंख्यक समाज के लिए विश्वविद्यालय खोलकर सोए हुए समाज को जगाने का काम किया। आज उनका विश्वविद्यालय दुनिया के प्रमुख विश्वविद्यालयों में गिना जाता है। “हमें भी अपने समाज की तरक्की के लिए शिक्षा पर जोर देना चाहिए। इस क्षेत्र में शिक्षा का स्तर काफी पिछड़ा हुआ है, और यहां के लोगों में एक अजीब गुरूर है। वे उन लोगों से भी नहीं मिलते, जिन्होंने सफलता हासिल की है।”
बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करें
एसडीएम ने कहा कि “यहां पढ़ाई के लिए पर्याप्त सुविधाएं नहीं हैं। हमें अपने बच्चों को 10वीं के बाद बेहतर शिक्षा के लिए बाहर भेजना चाहिए।” उन्होंने कहा कि समाज में बेहतर मुकाम हासिल करने के लिए बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करानी होगी।
सेवानिवृत्त आईपीएस ने सर सैयद की शैक्षिक सोच को किया उजागर
सेवानिवृत्त आईपीएस शकील अहमद ने सेमिनार में सर सैयद अहमद के विचारों को साझा करते हुए कहा कि सर सैयद का मानना था कि हमारे एक हाथ में विज्ञान और दूसरे हाथ में कुरान होना चाहिए। सिद्धार्थ विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डॉ. हफीज ने कहा कि जो लोग सक्षम हैं, उन्हें गरीब बच्चों और बच्चियों की शिक्षा में मदद करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि समय-समय पर इस तरह की गोष्ठियों का आयोजन होना चाहिए, ताकि शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाई जा सके।
कई प्रमुख हस्तियों ने कार्यक्रम में रखे अपने विचार
इस मौके पर असरार फारूकी ने कहा कि सर सैयद साहब ने शिक्षा रूपी चिराग जलाकर हम सबको प्रेरणा दी है। डॉ. शबनम याहिया और शाहिद सिराज ने भी अपने विचार व्यक्त किए। आयोजन का संचालन अलीगढ़ ओल्ड बॉयज की ओर से शाहिद सिराज और असरार फारूकी ने किया।
कार्यक्रम में मोहम्मद कैसर खान, मैराज अहमद, डॉ. तैय्यब बसर, इंजीनियर नसीम अहमद, मोहम्मद हसन, डॉ. मोहम्मद हुसैन, अजहर फैज, मामून रसीद खान, डॉ. बेलाल अहमद, मोहम्मद मोतिन, डॉ. नदीम अहमद, नादिर सलाम, बब्लू






