
गाजीपुर। जिले में किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए उद्यान विभाग व गन्ना विकास विभाग द्वारा कई योजनाओं को सफलतापूर्वक लागू किया गया है।
उद्यान विभाग के अनुसार एकीकृत बागवानी विकास मिशन के अंतर्गत जिले में कुल 78 हेक्टेयर क्षेत्रफल में केला, पपीता, करौंदा, कटहल, ड्रैगन फ्रूट और इमली जैसे फलदार पौधों का रोपण कराया गया है। इसके अलावा 125 हेक्टेयर में शाकभाजी और 1230 हेक्टेयर में मसालों (प्याज और मिर्च) की खेती का विस्तार किया गया है।
विभाग द्वारा 37 हेक्टेयर में फूलों की खेती को भी बढ़ावा दिया गया है। संरक्षित खेती के तहत 1500 वर्ग मीटर में पॉलीहाउस का निर्माण कराया गया है, जिससे किसानों को उच्च गुणवत्ता की सब्जियों और फूलों के उत्पादन में मदद मिलेगी।
प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के अंतर्गत जल संरक्षण व सिंचाई साधनों के विस्तार पर भी जोर दिया गया है।
13.14 हेक्टेयर में 12 कृषकों को ड्रिप सिस्टम
98.31 हेक्टेयर में 73 कृषकों को मिनी स्प्रिंकलर
532.30 हेक्टेयर में 479 कृषकों को पोर्टेबल स्प्रिंकलर की सुविधा दी गई है।
गन्ना विकास विभाग ने जानकारी दी कि उन्नतशील गन्ना बीज के तहत प्रमाणित बीज वितरण पर किसानों को रु. 50 और रु. 25 प्रति कुन्तल का अनुदान दिया जा रहा है। इसके अतिरिक्त बीज एवं भूमि उपचार, कीट प्रबंधन के लिए अनुदानित दवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। जैव उर्वरक व वर्मी कम्पोस्ट के प्रयोग हेतु भी किसानों को 50% या अधिकतम रु. 600 प्रति हेक्टेयर की सहायता दी जा रही है।
विभाग की जिला योजना और राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2024-25 में रु. 4.63 लाख के लक्ष्य के विरुद्ध रु. 2.98 लाख की राशि सीधे डीबीटी माध्यम से 152 कृषकों के खातों में भेजी गई है। विभाग का दावा है कि इससे किसानों की आमदनी में वृद्धि होगी और वे खुशहाल बनेंगे।
रिपोर्ट: वंदे भारत लाइव न्यूज, गाजीपुर







