
साक्षरता के प्रति जागरूकता ही राष्ट्र विकास-शिवानी जैन एडवोकेट
आंल ह्यूमन सेव एंड फॉरेंसिक फाउंडेशन डिस्टिक वूमेन चीफशिवानी जैन एडवोकेट ने कहा कि
किसी भी देश की खुशहाली और विकास इस बात पर निर्भर करता है कि वहां रहने वाले लोग कितने पढ़े-लिखें हैं। ऐसे में लोगों को साक्षरता के प्रति जागरूक करने के लिए हर साल 8 सितंबर को अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस मनाया जाता है। भारत में भी इसको लेकर कई प्रयास किए जा रहे हैं। सर्व शिक्षा अभियान इसका एक उदाहरण है।
थिंक मानवाधिकार संगठन एडवाइजरी बोर्ड मेंबर एवं अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त डॉ कंचन जैन ने कहा कि जिस भी देश में जितने ज्यादा लोग शिक्षा ग्रहण करेंगे, उस देश का भविष्य और परिवेश उतना ही बेहतर होगा। साक्षरता शब्द साक्षर से आता है, जिसका अर्थ होता है – शिक्षित होना। अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस का उद्देश्य दुनियाभर की आबादी को साक्षर बनाने के लिए प्रयास करने के लिए प्रेरित करना है। इस दिन को मनाने का उद्देश्य है कि दुनियाभर में ज्यादा से ज्यादा लोग शिक्षा ग्रहण करें।
मां सरस्वती शिक्षा समिति के प्रबंधक एवं प्राचीन मानवाधिकार काउंसिल सदस्य डॉ एच सी विपिन कुमार जैन, संरक्षक आलोक मित्तल एडवोकेट, ज्ञानेंद्र चौधरी एडवोकेट, डॉ आरके शर्मा, निदेशक डॉक्टर नरेंद्र चौधरी, शार्क फाउंडेशन की तहसील प्रभारी डॉ एच सी अंजू लता जैन, बीना एडवोकेट आदि ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस पढ़ने और लिखने की खुशियों का जश्न मनाने का एक मौका मात्र नहीं है। यह हमारे साक्षरता लक्ष्यों को सतत विकास लक्ष्यों के व्यापक उद्देश्यों के साथ जोड़ने का अवसर है। हम एक बेहतर, अधिक साक्षर दुनिया के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को मजबूत करते हैं।साक्षरता की शक्ति को समझें और एक वैश्विक आंदोलन का हिस्सा बनें जो शिक्षित, जागरूक आबादी के महत्व को पहचानता है।
शिवानी जैनएडवोकेट
डिस्ट्रिक्ट वूमेन चीफ





