
चित्रसेन घृतलहरे, 01 नवम्बर 2025//छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के 25 वर्षों में सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला कृषि, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल, आवास, शिक्षा, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं में निरंतर प्रगति करते हुए प्रदेश के अग्रणी जिलों में शामिल हो गया है।
प्रशासन की योजनाबद्ध नीति और किसानों की मेहनत ने इस जिले को ‘मॉडल जिला’ की पहचान दिलाई है।
कृषि में नवाचार — सात बार मिला ‘डॉ. खूबचंद बघेल कृषक रत्न पुरस्कार’
कृषि के क्षेत्र में जिले ने प्रदेश में इतिहास रचा है।
अब तक जिले के सात किसानों को “डॉ. खूबचंद बघेल कृषक रत्न पुरस्कार” से सम्मानित किया जा चुका है। यह पुरस्कार ₹2 लाख नगद और प्रशस्ति पत्र सहित प्रदान किया जाता है।
पुरस्कार से सम्मानित किसान:
2009: विजय यादव — रीपर नवाचार व बीज उत्पादन कार्यक्रम
2014: रामगोपाल साहू — कृषक सेवा यंत्र केंद्र व दलहन फसल उत्कृष्टता
2014: डेढ़राज चंद्रा — जैविक खाद व श्रीविधि से धान उत्पादन
2016: लक्ष्मण कुमार पटेल — केला उत्पादन व जैविक खेती में नवाचार
2019: खीरसागर पटेल — श्रीविधि खेती व ‘चिड़िया भगाने वाला यंत्र’
2021: मुकेश चौधरी — देशी बीज संरक्षण व मिश्रित खेती
2024: खेमराज पटेल — केला, मछली व बकरी पालन से एकीकृत खेती का मॉडल
हर घर तक नल का जल — जल जीवन मिशन में प्रदेश में दूसरा स्थान
जल जीवन मिशन के तहत जिले के 257 गांवों में हर घर तक नल का जल पहुंचाया जा चुका है।
अब तक 1 लाख घरों में कनेक्शन पूरे, और जनवरी 2026 तक 706 गांवों के 1.61 लाख घरों में जल आपूर्ति का लक्ष्य निर्धारित है।
मनरेगा से ग्रामीण अर्थव्यवस्था में मजबूती
मनरेगा योजना के तहत 1.34 लाख परिवारों को रोजगार मिला है।
अब तक ₹980.06 करोड़ मजदूरी एवं सामग्री में व्यय कर 1,16,327 परिसंपत्तियाँ निर्मित की गई हैं —
मुख्य कार्य: डबरी, गाय-शेड, बकरी शेड, चेकडैम, सिंचाई नाली, पंचायत भवन, आंगनबाड़ी आदि।
हर घर शौचालय — ओडीएफ बनने वाला अग्रणी जिला
स्वच्छ भारत मिशन के तहत जिले में 1.54 लाख शौचालय बनाए गए।
इससे जलजनित बीमारियों में उल्लेखनीय कमी आई और जिला खुले में शौचमुक्त (ODF) घोषित हुआ।
हर गांव रोशन — बिजली विस्तार में नई छलांग
वर्ष 2000 में जहां 132 केवी उपकेंद्र की संख्या शून्य थी, वहीं अब जिले में 2 उपकेंद्र और 263 एमवीए क्षमता के साथ सशक्त बिजली व्यवस्था है।
विद्युत विस्तार के आँकड़े:
33/11 केवी उपकेंद्र: 2 ➜ 26
11 केवी लाइन: 536 किमी ➜ 2146 किमी
ग्रामीण विद्युतीकरण: 607 गांव ➜ 718 गांव
उपभोक्ता: 33,557 ➜ 99,274
सड़क और पुल-पुलिया — विकास की मजबूत डोर
लोक निर्माण विभाग ने 2004 से अब तक दर्जनों पुलों का निर्माण कराया है।
मुख्य पुल: लीलार नाला, किंकारी नाला, खपान नाला, लात नाला, बंजारी नाला, देवदरहा नाला, घोघरा नाला आदि।
इनसे जिले के दूरस्थ गांवों में यातायात और व्यापार की सुविधा बढ़ी है।
सारंगढ़-बिलाईगढ़ — छत्तीसगढ़ का उभरता हुआ विकास मॉडल
कृषि से लेकर पेयजल, सड़क, बिजली, शिक्षा और रोजगार तक —
सारंगढ़-बिलाईगढ़ आज प्रदेश के समग्र विकास का उदाहरण बन गया है।
आने वाले वर्षों में यह जिला छत्तीसगढ़ का आदर्श विकास मॉडल बनकर उभरेगा।





