

पुलिस की लापरवाही के चलते एक परिवार के साथ दोबारा हुई मारपीट की घटनामा
रपीट की रिपोर्ट देने के बावजूद 24 घंटे तक नहीं दिया कोई ध्यान
रिपोर्टर-मोहन लाल
निंबाहेड़ा। कोतवाली थाना क्षेत्र के गांव मरजीवी के कांताबाई पत्नी रतनलाल सेन के परिवार के साथ जमीन विवाद को लेकर 3 मई को सुबह गांव के ही दो-तीन जनों ने मारपीट कर जान से मारने की धमकी दी जिसकी रिपोर्ट कांताबाई ने 3 मई को ही कोतवाली थाना में रिपोर्ट दे दी गई थी लेकिन पुलिस द्वारा 24 घंटे तक कोई कार्रवाई नहीं की जिसके चलते कांताबाई के परिवार के साथ 4 मई को दोबारा आरोपियों ने मारपीट की जिसमें कांताबाई उनके लड़के सहित अन्य परिजन गंभीर घायल हो गए इनका अस्पताल में उपचार अभी चल रहा है।
कांताबाई के लड़के आजाद सेन ने बताया कि में 3 मई को मेरे खेत पर मेरी माता जी को लेकर गया था जहां पर हम साफ सफाई कर रहे थे कि गांव के देवीलाल सेन हेमराज सेन नंदराम सेन राजी बाई ने खेत पर आकर हमारे साथ मारपीट की एवं जान से मारने की धमकी देते हुए कहा कि दोबारा इस खेत पर मत आ जाना नहीं तो जान से मार देंगे।
इस घटना की रिपोर्ट हमने थाने में 3 मई को लगभग 11 बजे दे दी लेकिन 24 घंटे के भीतर पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई जबकि हमारे द्वारा पुलिस कर्मियों को तीन चार बार फोन लगाकर कार्रवाई की गुहार लगाई थी।
हमारे फोन करने के बावजूद भी थाने से पुलिस का एक भी जवान मौका मुआयना करने नहीं आया।
परिणाम स्वरुप आरोपियों के हौसले बुलंद हो गए और 4 मई को सभी चार पांच आरोपी पुनः हमारे घर पर आए उनके हाथों में लठ्ठ और लोहे की रॉड थी आते ही उन्होंने हमारे साथ गंभीर मारपीट की और मौके से फरार हो गए जिससे कांताबाई सहित अन्य परिजन गंभीर रूप से घायल हो गए।
हमें ग्रामीणों की मदद से चिकित्सालय एंबुलेंस से लाया गया जहां उपचार के दौरान कांताबाई व कन्हैया लाल के सिर में टांके आए व अन्य बुरी तरह घायल हो गए।
इसके बाद हम कोतवाली थाना आए जहां हमारी प्राथमिक दर्ज करने की कार्रवाई की जा रही है लेकिन आरोपी अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है।
यदि हमारी 3 मई की रिपोर्ट पर पुलिस तुरंत कार्रवाई कर लेती तो हमारे साथ 4 मई को इस घटना की पुनरावृत्ति नहीं होती।
अब सवाल यह है कि पुलिस के आला अधिकारी कोतवाली थाने की लापरवाही को गंभीरता से लेंगे या कोतवाली थाना द्वारा इसी प्रकार से शिथिलता पूर्वक कार्रवाई चलती रहेगी।



