
सिद्धार्थनगर। बेसिक शिक्षा विभाग में तैनात एआरपी (अकादमिक रिसोर्स परसन) की ओर से स्कूलों के पर्यवेक्षण की फर्जी रिपोर्ट भेजने का मामला सामने आया है। यहां तक इनकी ओर से रविवार को भी पर्यवेक्षणीय कार्य किए जाने की रिपोर्ट भेजी गई है, जिसके बाद महानिदेशक स्कूल शिक्षा कंचन वर्मा ने बीएसए को पत्र भेजकर जिले के 26 एआरपी से स्पष्टीकरण प्राप्त कर एक सप्ताह में जांच रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।
बेसिक शिक्षा विभाग में जिले के सभी 14 ब्लॉकों में विषयवार पांच-पांच एआरपी तैनात हैं। इन्हें प्रतिदिन दो परिषदीय विद्यालयों में सहयोगात्मक पर्यवेक्षण करना होता है। जहां उन्हें प्रत्येक विद्यालय पर बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए कम से कम दो घंटे समय देना होता है। इन एआरपी की ओर से भेजी गई रिपोर्ट में कई तरह की गड़बड़ियां सामने आई हैं। इनमें मिठवल ब्लॉक में तैनात एआरपी अशोक कुमार के मार्च, अप्रैल व मई में रविवार को भी पर्यवेक्षणीय कार्य किया जाना बताया है। यहां तक कि एआरपी अशोक कुमार और इसी ब्लॉक में तैनात एआरपी सौरभ प्रकाश सिंह ने एक ही दिन में दो से अधिक परिषदीय विद्यालयों में सहयोगात्मक पर्यवेक्षण करने की प्रेरणा पोर्टल से मिले डाटा का राज्य परियोजना कार्यालय में विश्लेषण किया गया, जिसमें विसंगतियां मिलने पर महानिदेशक स्कूल शिक्षा कंचन वर्मा ने बीएसए को भेजे पत्र में इन सभी एआरपी से स्पष्टीकरण प्राप्त कर रिपोर्ट राज्य परियोजना कार्यालय को भेजने का निर्देश दिया है। रिपोर्ट भेजी है। इसमें दोनों एआरपी ने मार्च, अप्रैल व मई में ऐसे छह-छह सहयोगात्मक पर्यवेक्षण किए हैं।




