

जिला परिषद प्रशासन ने राजस्व वसूली और अपनी संपत्तियों की सुरक्षा को लेकर सख्त रुख अपना लिया है। लंबे समय से किराया न चुकाने वाले बकाएदारों के खिलाफ प्रशासन ने चौतरफा कार्रवाई शुरू कर दी है। इसी क्रम में आज बेकारबांध क्षेत्र में दो अन्य दुकानों को सील किया गया, साथ ही जमीन पर अवैध कब्जाधारियों को अंतिम चेतावनी दी गई है।
*बकाया न देने पर ये दुकानें हुईं सील:*
बार-बार नोटिस दिए जाने के बावजूद बकाया राशि जमा न करने पर जिला परिषद की टीम ने आज निम्नलिखित दुकानों को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया:
दुकान संख्या C/11 (सरोज रजक): कुल ₹3,34,450 की भारी बकाया राशि होने के कारण कार्रवाई की गई।
दुकान संख्या P5 (अनिल कुमार सिंह): कुल ₹1,56,782 का बकाया होने के कारण दुकान को सील किया गया।
अवैध कब्जाधारियों को ‘कल’ तक का अल्टीमेटम:
कार्रवाई के दौरान यह बात भी सामने आई है कि कुछ व्यक्तियों द्वारा बिना अनुमति के, अपने स्तर से जिला परिषद की जमीनों पर अवैध रूप से कब्जा कर अस्थाई दुकान का निर्माण किया गया है।
जिला परिषद ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया है और सभी अवैध कब्जाधारियों को कल तक का समय (अंतिम अल्टीमेटम) दिया है। उन्हें साफ निर्देश दिया गया है कि वे कल (अगले दिन) तक स्वेच्छा से दुकानों को खाली कर दें।
जिला परिषद की संपत्तियों पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिन लोगों ने बिना अनुमति जमीनों पर कब्जा किया है, वे हर हाल में खाली कर दें। यदि कल तक अवैध कब्जा खाली नहीं की गईं, तो प्रशासन बलपूर्वक उन्हें खाली कराएगा और संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी व दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
जिला परिषद ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि बकाएदारों के खिलाफ सीलिंग का यह अभियान और अवैध कब्जे के खिलाफ कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी। इस अभियान के दौरान जिला परिषद के वरिष्ठ अधिकारी, कर्मी और स्थानीय पुलिस बल के जवान तैनात थे।
*Team PRD Dhanbad*




