
समीर वानखेड़े ब्यूरो चीफ:
मुंबई में पिछले दो दिनों के दौरान बिना अनुमति किए गए आंदोलनों के खिलाफ पुलिस ने कड़ी कार्रवाई की है। शहर में कुल 5 FIR दर्ज की गई हैं और कई आंदोलनकारियों को हिरासत में लिया गया है।
खास बात ये कि शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने सरन्यायाधीश और कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के समर्थन में दादर के शिवाजी पार्क में हुई एक रैली को संबोधित किया था। इसी कार्यक्रम के आयोजकों के खिलाफ भी FIR दर्ज हुई है।
क्या क्या हुआ?
पिछले दो दिनों से मुंबई में बिना परमिशन हो रहे अलग-अलग आंदोलनों को लेकर पुलिस सख्त है।
रविवार: सोनम वांगचुक को दिल्ली के जंतर-मंतर से सफदरजंग अस्पताल ले जाए जाने के विरोध में शिवाजी पार्क में रैली निकाली गई। उद्धव ठाकरे ने इसमें केंद्र सरकार के खिलाफ बड़ा आंदोलन करने का ऐलान किया।
मुंबई पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, शहर में अनधिकृत आंदोलनों को लेकर कुल 5 FIR दर्ज की गई हैं। रैली के आयोजकों पर गैरकानूनी भीड़ जुटाने और बिना अनुमति प्रदर्शन करने का आरोप है।
शनिवार: मंत्रालय के पास हुए आंदोलन और प्रेस क्लब के पास वामपंथी संगठनों के प्रदर्शन को लेकर मरीन ड्राइव और आजाद मैदान पुलिस थानों में 2 FIR दर्ज हुईं।
रविवार: शिवाजी पार्क पुलिस स्टेशन में 3 और FIR दर्ज की गईं।
चैत्यभूमी पर भी कार्रवाई
सोमवार को दादर स्थित चैत्यभूमी में डॉ. बी.आर. आंबेडकर स्मारक के पास भी बिना अनुमति आंदोलन हुआ। ये आंदोलन CJP यानी ‘झुरळ जनता पक्ष’ के ‘संसद चलो’ मार्च और सोनम वांगचुक के समर्थन में किया गया था।
पुलिस ने कार्रवाई कर कई आंदोलनकारियों को हिरासत में लिया। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि PWP, CPI(M) और CJP के समर्थकों को प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई थी। आरोपियों के खिलाफ शिवाजी पार्क थाने में मामला दर्ज किया जा रहा है।
किन धाराओं में केस?
सभी मामलों में पुलिस ने सरकारी आदेशों का उल्लंघन, रास्ता जाम करना और गैरकानूनी जमावड़ा करने जैसी धाराओं के तहत केस दर्ज किए हैं। हालांकि FIR में नामजद सभी लोगों को नोटिस देकर छोड़ दिया गया है।
इस बीच मुंबई पुलिस ने 23 जुलाई से 6 अगस्त तक धारा 163 लागू कर दी है। इसके तहत सार्वजनिक जगहों पर 5 या उससे ज्यादा लोगों का इकट्ठा होना, रैली निकालना, लाउडस्पीकर बजाना और पटाखे फोड़ने पर पूरी तरह पाबंदी रहेगी।





