

*वजनी और डाक कांवड़ का शास्त्रों में नहीं उल्लेख:अधीर कौशिक
हरिद्वार। आगामी 25 जुलाई से शुरू होने जा रही ऐतिहासिक कांवड़ यात्रा का अखंड श्री परशुराम अखाड़े ने स्वागत करते हुए आने वाले कांवड़ियों को मर्यादा में रहकर कांवड़ उठाने व सनातन परंपरा के निर्वहन करने की नसीहतें भी दी।

गुरुवार को प्रेस क्लब में पत्रकारों से वार्ता करते हुए परशुराम अखाड़े व उनके आह्वान पर आए कुछ संतो ने इस यात्रा में आने वाले कांवड़ियों को मर्यादा में रहकर कांवड़ उठाने व सनातन परंपरा के निर्वहन करने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि विगत कुछ वर्षों से देखा जा रहा है कि बहुत से कांवड़िए बड़े बड़े डीजे के साथ कांवड़ लेकर आ रहे हैं, कई कांवड़िए भक्ति भाव भुलाकर लड़ाई झगड़ा मारपीट करते है, कई कांवड़िए नशीले पदार्थों का सेवन कर कांवड़ लेकर जाते है। यह सभी तरीके सनातन परंपरा व हर प्रकार से धर्म विरूद्ध है। साथ ही कहा कि शास्त्रों में कहीं भी डाक व वजनी कांवड़ का उल्लेख नहीं है।
परशुराम अखाड़े ने डाक व वजनी कांवड़ को तर्क व धर्म विरूद्ध बताते हुए कहा कि शास्त्रों में सिर से ऊपर कांवड़ ले जाना निषेध बताया गया है। यह ना सिर्फ शास्त्र विरूद्ध है बल्कि इससे कई युवा कांवड़ियों को बहुत बड़े शारीरिक कष्ट का भी सामना करना पड़ता है। उन्होंने इसे सिर्फ शक्ति प्रदर्शन करार देते हुए कांवड़ियों से अपील की है कि ऐसा कोई भी प्रयास ईश्वर को प्रसन्न करने के बजाए सिर्फ शरीर को कष्ट देता है। उन्होंने आने वाले सभी कांवड़ियों से अपील की है कि वह अपनी कांवड़ पर भगवा ध्वज लगाए, भजनों की माध्यम आवाज वाली धुन पर ही चलें, राष्ट्रीय ध्वज का सम्मान करें और कांवड़ से सम्बन्धित वस्तुएं सनातन प्रेमियों से ही खरीदें।
अंत में परशुराम अखाड़े के अध्यक्ष अधीर कौशिक ने कहा कि वह सभी कांवड़ियों का सम्मान करते हैं किन्तु कांवड़ियों को भी मर्यादा में रहकर कांवड़ उठानी चाहिए। उन्होंने कहा कि जो कोई भी कांवड़िया फिल्मी गानों व उनकी धुन पर अश्लील डांस करेगा, हुड़दंग दिखाएगा, परशुराम अखाड़ा उसका जबरदस्त विरोध करेगा व उसके खिलाफ पुलिस प्रशासन से कार्रवाई की मांग करेगा।
प्रेस वार्ता में पंडित अधीर कौशिक, भागवताचार्य पंडित पवन कृष्ण शास्त्री, महंत कार्तिक गिरी, आचार्य विष्णु शर्मा व पंडित आदित्य जगुडी उपस्थित रहे।










