
शांतनु कुमार कुर्रे की रिपोर्ट बिलासपुर 

शासकीय योजनाओं पर ठेकेदार की मनमानी भारी, नए पचपेड़ी तहसील भवन की दीवारों पर आई दरारें
लीपापोती में जुटे जिम्मेदार, कुंभकर्णी नींद में सोया प्रशासन; निष्पक्ष जांच की मांग
पचपेड़ी / बिलासपुर:
छत्तीसगढ़ की राज्य सरकार द्वारा आम जनता को पारदर्शी और सुलभ प्रशासनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से महत्वाकांक्षी योजनाएं चलाई जा रही हैं। परंतु बिलासपुर जिले के पचपेड़ी तहसील क्षेत्र में प्रशासनिक उपेक्षा और भ्रष्ट निर्माण कार्य की पोल खुलती नजर आ रही है। हाल ही में बने नवीन तहसील भवन की संरचना में जगह-जगह गहरी दरारें दिखाई दे रही हैं, जो निर्माण कार्य की गुणवत्ता और ठेकेदार की नीयत पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं।
दरारों पर लीपापोती, भ्रष्टाचार छिपाने का खेल
स्थानीय ग्रामीणों और प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप है कि भवन निर्माण में उपयोग की गई सामग्री अत्यंत घटिया स्तर की रही है। निर्माण पूरा हुए कुछ ही समय बीता है और दीवारें चटकने लगी हैं। भ्रष्टाचार को छिपाने के लिए जिम्मेदार अमले और ठेकेदार द्वारा सीमेंट तथा पुट्टी से दरारों पर लीपापोती की जा रही है, ताकि कोई ठोस कार्रवाई न हो सके।
अधिकारियों की चुप्पी पर उठे सवाल
एक तरफ भाजपा सरकार क्षेत्र के विकास और सुशासन का दावा कर रही है, वहीं दूसरी तरफ स्थानीय अधिकारी कुंभकर्णी नींद में सोए हुए हैं। इतने बड़े स्तर पर हो रही गड़बड़ियों के बावजूद अब तक न तो किसी जिम्मेदार अधिकारी ने स्थल निरीक्षण किया है और ना ही ठेकेदार के खिलाफ कोई कारण बताओ नोटिस या दंडात्मक कार्रवाई की गई है।
जनता में भारी आक्रोश: स्थानीय निवासियों का कहना है कि शासकीय धन का इस प्रकार दुरुपयोग खुलेआम ठेकेदार की �







