

डीडवाना – कुचामन जिले में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने प्रसव हेल्प डेस्क व्यवस्था शुरू की है। अब सरकारी अस्पतालों में आने वाली गर्भवती महिलाओं को अस्पताल पहुंचते ही त्वरित सहायता, आवश्यक मार्गदर्शन और समन्वित स्वास्थ्य सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगी। उच्च जोखिम (हाई रिस्क) गर्भवती महिलाओं की पहचान कर उन्हें प्राथमिकता के आधार पर विशेषज्ञ चिकित्सकीय सेवाओं से संभावित जटिलताओं का समय रहते उपचार किया जा सके।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नरेंद्र चौधरी ने बताया कि प्रथम चरण में राजकीय जिला चिकित्सालय डीडवाना एवं कुचामन , राजकीय उप जिला चिकित्सालय परबतसर , नावा, लाडनूं, मकराना और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र छोटी खाटू , बोरावड़, मौलासर में प्रसव हेल्प डेस्क स्थापित कर सेवाएं शुरू कर दी गई हैं। इन हेल्प डेस्क पर 24 घंटे प्रसव सखियां तैनात रहेंगी। पिंक एप्रिन में तैनात प्रसव सखियां गर्भवती महिलाओं का स्वागत करने, पंजीयन कराने, आवश्यक जांच और उपचार प्रक्रिया में सहयोग देने तथा संबंधित वार्ड तक पहुंचाने का कार्य करेंगी। साथ ही प्रसव पूर्व, प्रसव और प्रसवोत्तर देखभाल के दौरान महिलाओं एवं उनके परिजनों का मार्गदर्शन भी करेंगी। नई व्यवस्था के तहत प्रशिक्षित नर्सिंग अधिकारियों प्रसव सखी की प्रमुख जिम्मेदारियां प्रसव सखियां गर्भवती महिलाओं का पंजीयन कराने, जांच और उपचार प्रक्रिया में सहयोग देने, संबंधित वार्ड तक पहुंचाने, प्रसव पूर्व और प्रसवोत्तर देखभाल में मार्गदर्शन देने के साथ हाई रिस्क गर्भवतियों की पहचान कर विशेषज्ञ उपचार और त्वरित रेफरल सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
उन्होंने बताया कि उनका उद्देश्य प्रत्येक गर्भवती महिला को बिना किसी अनावश्यक परेशानी के समय पर सभी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। प्रसव सखियां मरीजों और उनके परिजनों को अस्पताल की विभिन्न सेवाओं, जांच, उपचार प्रक्रिया और आवश्यक देंगी। राजकीय जिला चिकित्सालय के मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य (एमसीएच) विंग में नर्सिंग अधिकारियों को अतिरिक्त रूप से प्रसव सखी की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं राजकीय जिला चिकित्सालय कुचामन में प्रारंभिक चरण में दो प्रसव सखियों की नियुक्ति की गई है। सीएचसी अरनोद में भी प्रसव हेल्प डेस्क के माध्यम से गर्भवती महिलाओं को आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जा रहा है। हाई रिस्क गर्भवतियों की पहचान कर उन्हें विशेषज्ञ चिकित्सकों से जोडने और आवश्यकता होने पर त्वरित रेफरल की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ नरेंद्र चौधरी ने बताया कि इस व्यवस्था से गर्भवती महिलाओं को अस्पताल में प्रवेश करते ही व्यवस्थित मार्गदर्शन, त्वरित सहायता और सम्मानजनक स्वास्थ्य मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य हेल्प डेस्क जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ अधिकारी डॉ. इरफान अली खत्री ने बताया कि प्रसव सखियां पंजीयन से लेकर प्रसव और प्रसवोत्तर देखभाल तक निरंतर गर्भवतियों की समय पर पहचान, विशेषज्ञ उपचार, प्रभावी रेफरल प्रबंधन और मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के प्रयासों को मजबूती से पूरा करेंगे ।।










