भुईकोट किले के विकास की राह खुली

लोणी प्रतिनिधि (शहाजी दिघे) : अहिल्यानगर के ऐतिहासिक भुईकोट किले के विकास का लंबे समय से अटका मामला आखिरकार आगे बढ़ गया है। महाराष्ट्र सरकार और नगर सैन्य विभाग के बीच विकास परियोजना को लेकर समझौता ज्ञापन (एमओयू) हुआ। जिलाधिकारी डॉ. पंकज आशिया और स्टेशन कमांडर पी. सुनील कुमार की मौजूदगी में नगर स्थित सैन्य मुख्यालय में यह करार किया गया। इससे किले के संरक्षण और पर्यटन विकास के प्रस्तावित कार्यों को प्रत्यक्ष गति मिलने का रास्ता साफ हो गया है।
पालकमंत्री डॉ. राधाकृष्ण विखे पाटील ने केंद्र सरकार के माध्यम से भुईकोट किले के विकास की पहल की थी। भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. सुजय विखे पाटील और विधायक संग्राम जगताप ने भी लगातार प्रयास किए। इसके परिणामस्वरूप केंद्र सरकार के पर्यटन मंत्रालय की ‘स्वदेश दर्शन 2.0’ योजना के तहत 17 मार्च 2025 को परियोजना को प्रशासनिक और वित्तीय मंजूरी मिली।
किला सैन्य विभाग के अधिकार क्षेत्र में होने के कारण मंजूरी के बावजूद काम शुरू नहीं हो पा रहा था। विकास के लिए सैन्य विभाग की अंतिम अनुमति आवश्यक थी। एमओयू होने से यह अड़चन दूर हो गई है।
परियोजना के तहत किले की ऐतिहासिक पहचान को कायम रखते हुए पर्यटकों के लिए आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। भव्य प्रवेश द्वार, वाहन पार्किंग, शौचालय और इंटरप्रिटेशन सेंटर का निर्माण प्रस्तावित है। किले की तटबंदी का संरक्षण किया जाएगा। बुर्ज क्रमांक 1 से 11 तक करीब 1,370 मीटर लंबा नेचर वॉकवे बनाया जाएगा। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए ओपन एयर थिएटर और परिसर में सौर ऊर्जा आधारित स्ट्रीट लाइटिंग भी की जाएगी।
किले के विकास से अहिल्यानगर के पर्यटन को नई दिशा मिलने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार और व्यवसाय के अवसर बढ़ने की उम्मीद है। ऐतिहासिक धरोहर के संरक्षण और पर्यटन सुविधाओं के विस्तार के जरिए भुईकोट किले को प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने का लक्ष्य है।
अब भारतीय पुरातत्व विभाग, वन, पर्यावरण विभाग और महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण मंडल सहित संबंधित विभागों की आवश्यक मंजूरियां और तकनीकी प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसके बाद प्रत्यक्ष विकास कार्य शुरू होंगे।
लंबे समय से घोषणा और मंजूरी के बीच अटकी परियोजना अब क्रियान्वयन के करीब पहुंच गई है। एमओयू को भुईकोट किले के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
“अहिल्यानगर जिले में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से पत्राचार कर भुईकोट किले के विकास के लिए प्रयास किया था। इसमें उनका सहयोग मिला। पर्यटन के माध्यम से रोजगार सृजन हमारा लक्ष्य है। जिले के ऐतिहासिक, प्राकृतिक और आध्यात्मिक विरासत स्थलों का विकास कर स्थानीय स्तर पर रोजगार को प्राथमिकता दी जाएगी।”— डॉ. राधाकृष्ण विखे पाटील, पालकमंत्री
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