आज कृषि मंत्री सह प्रभारी मंत्री गया जिला विजय कुमार सिन्हा जी की अध्यक्षता में जिला परिषद सभागार गया में जिला कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति की बैठक आयोजित की गई l

गया, 03 सितंबर 2026, माननीय मंत्री, कृषि विभाग सह प्रभारी मंत्री, गया जिला श्री विजय कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में आज जिला परिषद सभागार, गया में जिला कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में संचालित विभिन्न विकासात्मक एवं कल्याणकारी योजनाओं तथा विभिन्न विभागों के कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। इस दौरान माननीय विधायकगण एवं जिला कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति के सम्मानित सदस्यों द्वारा दिए गए सुझावों एवं उठाए गए जनहित के मुद्दों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में जिला पदाधिकारी गया श्री शशांक शुभंकर ने बताया कि गया जिले में 01 अगस्त से 31 अगस्त 2026 तक 252 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है। वहीं जुलाई माह में 171 मिलीमीटर तथा जून माह में 34 मिलीमीटर वर्षा हुई है। संभावित बाढ़ एवं सुखाड़ की स्थिति को ध्यान में रखते हुए आवश्यक सामग्रियों का दर निर्धारण कर लिया गया है। जिले में पर्याप्त संख्या में पॉलिथीन शीट उपलब्ध हैं। बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होने पर त्वरित राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित करने के लिए सामुदायिक रसोई एवं राहत शिविर के लिए स्थलों का पूर्व से चिन्हांकन कर लिया गया है।
स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान माननीय प्रभारी मंत्री ने जिले के जर्जर अस्पताल भवनों की मरम्मत का कार्य तेजी से कराने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी मरीज के उपचार में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। सभी मरीजों का नियमित एवं सुरक्षित उपचार सुनिश्चित किया जाए। जिले के सभी अस्पतालों में डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ सहित अन्य स्वास्थ्यकर्मियों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
माननीय प्रभारी मंत्री ने मगध मेडिकल अस्पताल में साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा भर्ती मरीजों को पौष्टिक भोजन एवं आवश्यक दवाइयां उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। उन्होंने मगध मेडिकल परिसर में अस्पताल से निकलने वाले कचरे के निस्तारण के लिए संचालित कचरा फैक्ट्री से आसपास के लोगों को हो रही परेशानी को गंभीरता से लेते हुए जिला पदाधिकारी को इसकी समीक्षा कर कचरा फैक्ट्री को अन्य उपयुक्त स्थान पर स्थानांतरित करने का निर्देश दिया।
मगध मेडिकल परिसर में अवैध रूप से खड़ी रहने वाली निजी एंबुलेंस के संबंध में भी माननीय प्रभारी मंत्री ने कड़ा निर्देश दिया। उन्होंने अधीक्षक, मगध मेडिकल को तत्काल निजी एंबुलेंस को अस्पताल परिसर में प्रवेश से रोकने तथा स्थानीय पुलिस प्रशासन को अस्पताल के बाहर मुख्य सड़क पर भी निजी एंबुलेंस के अनाधिकृत रूप से खड़े रहने पर रोक लगाने का निर्देश दिया।
बैठक में 20 सूत्री के सम्मानित सदस्य द्वारा बोधगया के डंगरा एपीएचसी एवं मोराटाल एपीएचसी में चिकित्सकों की अनुपस्थिति का मामला उठाया गया। इस पर माननीय प्रभारी मंत्री ने सिविल सर्जन को मामले की जांच कराकर दोनों स्वास्थ्य केंद्रों पर चिकित्सकों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
समीक्षा के दौरान सदस्यों द्वारा बताया गया कि प्रखंड स्तर पर जिला कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति की बैठक नियमित रूप से आयोजित नहीं की जा रही है। इस पर माननीय प्रभारी मंत्री ने जिला पदाधिकारी को सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को निर्देशित करते हुए नियमित अंतराल पर प्रखंड स्तरीय बैठक आयोजित कराने तथा इसका गंभीरतापूर्वक अनुपालन सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया।
कृषि विभाग की समीक्षा के दौरान बताया गया कि परैया प्रखंड क्षेत्र में कुछ खाद विक्रेताओं द्वारा किसानों को निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत पर खाद उपलब्ध कराने की शिकायत प्राप्त हुई थी। मामले की जानकारी मिलते ही अनुमंडल कृषि पदाधिकारी, टिकारी के माध्यम से जांच कराई गई। जांच के उपरांत कार्रवाई करते हुए दो खाद दुकानों के लाइसेंस रद्द किए गए हैं तथा संबंधित दुकानदारों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
माननीय कृषि मंत्री ने बताया कि राज्य स्तर पर ऐसी व्यवस्था विकसित की जा रही है, जिसके तहत खाद कंपनियों द्वारा सीधे अपने अधिकृत रिटेलर दुकानों तक खाद पहुंचाने की व्यवस्था की जाएगी। इससे किसानों को निर्धारित मूल्य पर ही खाद उपलब्ध हो सकेगा।
*किसानों की जरूरत के अनुसार सिंचाई योजनाओं का चयन*
माननीय प्रभारी मंत्री ने कहा कि गया जिला सुखाड़ प्रभावित क्षेत्र है और यहां मुख्य रूप से पइन एवं पोखर के माध्यम से सिंचाई की व्यवस्था होती है। उन्होंने लघु सिंचाई विभाग के पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि आहर-पोखर से संबंधित किसी भी योजना का चयन करने से पूर्व संबंधित क्षेत्र के किसानों से उनकी वास्तविक आवश्यकता की जानकारी अवश्य प्राप्त करें। किसानों की जरूरत एवं उपयोगिता के आधार पर ही योजना का चयन कर आहर-पोखर का निर्माण अथवा जीर्णोद्धार कराया जाए।
उन्होंने कृषि विभाग एवं ग्रामीण विकास विभाग को भी स्पष्ट निर्देश दिया कि सिंचाई से संबंधित योजनाओं के चयन से पूर्व किसानों से आवश्यक रूप से सुझाव एवं जानकारी प्राप्त करें और उसके बाद ही योजना का चयन किया जाए।
*बिजली व्यवस्था में त्वरित सुधार का निर्देश*
बिजली विभाग की समीक्षा के दौरान माननीय प्रभारी मंत्री ने अभियंताओं को निर्देश दिया कि जहां कहीं भी बिजली ट्रांसफार्मर बदलने में विलंब की शिकायत प्राप्त हो, वहां अविलंब ट्रांसफार्मर बदलने की कार्रवाई सुनिश्चित करें। साथ ही जर्जर एवं लटके हुए बिजली तारों की शिकायत मिलने पर उन्हें भी तत्काल दुरुस्त अथवा बदलने का निर्देश दिया गया।
माननीय विधायक अतरी द्वारा खिजर सराय क्षेत्र के बिजली विभाग के कनीय अभियंता के कार्यप्रणाली में लापरवाही की शिकायत की गई। इस पर माननीय प्रभारी मंत्री ने अनुमंडल पदाधिकारी, नीमचक बथानी को अगले तीन दिनों के अंदर संबंधित कनीय अभियंता के कार्यप्रणाली की जांच करने का निर्देश दिया।
*प्रत्येक किसान को फार्मर रजिस्ट्री से जोड़ने का निर्देश*
माननीय प्रभारी मंत्री ने फार्मर रजिस्ट्री को किसानों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए जिले के सभी किसानों को इससे जोड़ने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सभी पात्र किसानों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शी तरीके से मिल सके, इसके लिए फार्मर रजिस्ट्री से अधिक से अधिक किसानों को जोड़ा जाए। कोई भी पात्र किसान सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे, इसे सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में बताया गया कि जिले में लगभग 3 लाख 39 हजार किसान प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से जुड़े हुए हैं। इसके अतिरिक्त अन्य किसानों को भी फार्मर रजिस्ट्री से जोड़ने की कार्रवाई की जा रही है।
*आंगनबाड़ी केंद्रों की नियमित जांच का निर्देश*
बाल विकास परियोजना की समीक्षा के दौरान माननीय प्रभारी मंत्री ने सभी आंगनबाड़ी केंद्रों का प्रत्येक माह भौतिक निरीक्षण कराने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों को उपलब्ध कराई जाने वाली सभी आवश्यक सुविधाओं एवं सेवाओं का सही ढंग से संचालन सुनिश्चित किया जाए।
जो आंगनबाड़ी केंद्र बंद पाए जाते हैं, उनके बंद रहने के कारणों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया। साथ ही जिला कार्यक्रम पदाधिकारी एवं सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारियों के मोबाइल नंबर प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र पर अनिवार्य रूप से प्रदर्शित कराने का निर्देश दिया गया। माननीय प्रभारी मंत्री ने निर्देश दिया कि अगले एक माह के अंदर जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों का व्यवस्थित एवं सुचारू संचालन सुनिश्चित किया जाए।
राजस्व विभाग की समीक्षा के दौरान माननीय प्रभारी मंत्री ने निर्देश दिया कि जिले में जमीन विवाद की स्थिति उत्पन्न न हो, इसके लिए प्रभावी कार्रवाई की जाए। जहां भी जमीन संबंधी विवाद लंबित हैं, उनकी समीक्षा कर प्राथमिकता के आधार पर उनका समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
आपूर्ति विभाग की समीक्षा के दौरान निर्देश दिया गया कि सभी पात्र लाभुकों को निर्धारित मात्रा में खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाए। सभी अनुमंडल पदाधिकारियों को प्रत्येक सप्ताह औचक रूप से जन वितरण प्रणाली की दुकानों का निरीक्षण करने का निर्देश दिया गया।
साथ ही सभी जन वितरण प्रणाली दुकानों पर चावल एवं गेहूं की निर्धारित मात्रा तथा वितरण से संबंधित जानकारी स्पष्ट रूप से प्रदर्शित कराने का निर्देश दिया गया, ताकि लाभुकों को खाद्यान्न की मात्रा की सही जानकारी उपलब्ध हो सके।
*सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम एवं यातायात व्यवस्था*
बैठक में बताया गया कि डोभी-बोधगया-गया-पटना एनएच पर बोधगया, मगध विश्वविद्यालय एवं आईआईएम के समीप आए दिन सड़क दुर्घटनाएं होती रहती हैं। दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए उक्त स्थानों पर वाहनों की गति नियंत्रित करने हेतु जिग-जैग व्यवस्था कायम कराने तथा सड़क पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित कराने का अनुरोध किया गया।
बैठक में इसके अतिरिक्त कृषि विभाग, ग्रामीण कार्य विभाग, नगर निगम, उद्योग विभाग, सामाजिक सुरक्षा, पशुपालन, गव्य विकास, शिक्षा विभाग, आपूर्ति, पंचायती राज विभाग, योजना एवं विकास विभाग, सहकारिता विभाग, कल्याण विभाग सहित अन्य विभागों के कार्यों की भी क्रमवार विस्तृत समीक्षा की गई।
समीक्षा के दौरान माननीय विधायकगण एवं जिला कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति के सम्मानित सदस्यों द्वारा उठाए गए जनहित के मुद्दों एवं दिए गए सुझावों पर विस्तार से चर्चा की गई। माननीय प्रभारी मंत्री ने संबंधित विभागीय पदाधिकारियों को सभी कमियों को तत्काल दूर करते हुए योजनाओं एवं सेवाओं का बेहतर क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
बैठक में माननीय सभी विधानसभा क्षेत्रों के विधायकगण, अध्यक्ष जिला परिषद, महापौर नगर निगम, जिला पदाधिकारी गया, वरीय पुलिस अधीक्षक, नगर आयुक्त, उप विकास आयुक्त, जिला कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति के सभी उपाध्यक्ष एवं सदस्यगण तथा विभिन्न विभागों के पदाधिकारी उपस्थित थे।
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