सिंगरौली: कलेक्टर के प्रतिवेदन पर मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने गठित की विशेषज्ञ समिति, रिलायंस ऐशडाईक की तकनीकी जांच के लिए एक्सपर्ट टीम सिंगरौली पहुंची।

सिंगरौली: कलेक्टर के प्रतिवेदन पर मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने गठित की विशेषज्ञ समिति, रिलायंस ऐशडाईक की तकनीकी जांच के लिए एक्सपर्ट टीम सिंगरौली पहुंची।
(जिला ब्यूरो चीफ सिंगरौली अमरेन्द्र शुक्ला)
ऐशडाईक के डिजाइन, निर्माण, सुरक्षा मानकों एवं पर्यावरणीय प्रभावों की विशेषज्ञ समिति करेगी गहन जांच।
सिंगरौली: रिलायंस सासन पावर की क्षतिग्रस्त ऐशडाईक से उत्पन्न स्थिति एवं संभावित प्रभावों को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर श्री गौरव बैनल द्वारा मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को विस्तृत जांच के लिए प्रतिवेदन भेजा गया था। कलेक्टर के प्रतिवेदन को गंभीरता से लेते हुए मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा ऐशडाईक की तकनीकी एवं पर्यावरणीय जांच के लिए विषय विशेषज्ञों की एक्सपर्ट कमेटी का गठन किया गया है।
गठित विशेषज्ञ समिति सिंगरौली पहुंचकर रिलायंस सासन पावर की ऐशडाईक का स्थल निरीक्षण एवं विस्तृत तकनीकी जांच कर रही है। समिति द्वारा ऐशडाईक के मूल डिजाइन, संरचनात्मक व्यवस्था, निर्माण एवं डिजाइन के अनुरूप उसके क्रियान्वयन, संचालन की कार्यप्रणाली तथा निर्धारित सुरक्षा मानकों का गहन परीक्षण किया जाएगा।
इसके साथ ही ऐशडाईक के क्षतिग्रस्त होने से आसपास के क्षेत्रों में उत्पन्न जलभराव, जल की गुणवत्ता एवं पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभावों का भी विशेषज्ञों द्वारा स्थल निरीक्षण एवं तकनीकी आकलन किया जाएगा। समिति यह भी परीक्षण करेगी कि ऐशडाईक की वर्तमान संरचना से भविष्य में जनहानि, संपत्ति की क्षति अथवा पर्यावरणीय नुकसान की कोई संभावित स्थिति तो उत्पन्न नहीं हो सकती।
जांच के दौरान ऐशडाईक की संरचनात्मक एवं तकनीकी कमियों, यदि कोई हों, का भी परीक्षण किया जाएगा तथा प्रभावित एवं आसपास के क्षेत्रों को भविष्य में सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक सुधारात्मक एवं निवारक उपायों के संबंध में विशेषज्ञ समिति द्वारा अनुशंसाएं प्रस्तुत की जाएंगी।
कलेक्टर श्री गौरव बैनल ने विशेषज्ञ समिति को जांच पूरी निष्पक्षता, पारदर्शिता एवं तकनीकी मानकों के अनुरूप करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि जांच में ऐशडाईक के डिजाइन, निर्माण, क्रियान्वयन अथवा संचालन में किसी भी प्रकार की तकनीकी कमी अथवा लापरवाही सामने आने पर आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी तथा संबंधित प्रबंधन को निर्धारित समय-सीमा में आवश्यक सुधार करने के निर्देश दिए जाएंगे।
जिला प्रशासन द्वारा ऐशडाईक से संबंधित स्थिति पर सतत निगरानी रखते हुए पर्यावरणीय सुरक्षा, जनसुरक्षा एवं प्रभावित क्षेत्रों के संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।
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