त्योहार के दिन भी धरने पर डटे रहे हजारों लोग, बोले—रोजी-रोटी होगी तभी मनाएंगे त्योहार

डीकेटीआर के विरोध में 24वें दिन भी जारी रहा आंदोलन, ग्रामीणों का साफ संदेश—टाइगर रिजर्व का स्थगन ही हमारा एकमात्र ध्येय
सरमथुरा। धौलपुर-करौली टाइगर रिजर्व (डीकेटीआर) के विरोध में सरमथुरा में चल रहा धरना शुक्रवार को 24वें दिन भी जारी रहा। त्योहार के दिन भी हजारों की संख्या में ग्रामीण धरना स्थल पर पहुंचे और सरकार के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की। ग्रामीणों ने कहा कि उनके लिए सबसे बड़ा सवाल रोजगार, खेती और परिवार की रोजी-रोटी का है। जब रोजी-रोटी ही सुरक्षित नहीं होगी तो त्योहार की खुशियां कैसे मनाई जाएंगी।
धरना स्थल पर दिनभर लोगों की आवाजाही बनी रही। आसपास के गांवों के साथ ही प्रभावित क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। लोगों ने एक स्वर में कहा कि वे शांतिपूर्ण और गांधीवादी तरीके से अपना विरोध जारी रखेंगे। आंदोलनकारियों का कहना है कि डीकेटीआर के कारण क्षेत्र के लोगों के सामने रोजगार और आजीविका को लेकर चिंता बढ़ गई है। पत्थर कारोबार सहित स्थानीय रोजगार से जुड़े काम प्रभावित होने की बात भी ग्रामीण लगातार उठा रहे हैं।
‘हमारा ध्येय सिर्फ डीकेटीआर का स्थगन’
धरना स्थल पर वक्ताओं ने कहा कि आंदोलन किसी व्यक्ति या दल के खिलाफ नहीं है, बल्कि क्षेत्र के लोगों की आजीविका और भविष्य से जुड़ा मुद्दा है। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि उनकी मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा। उनका कहना है कि डीकेटीआर का स्थगन ही उनका ध्येय है और इसी मांग को लेकर वे आखिरी दम तक लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष करेंगे।
ग्रामीणों ने कहा कि त्योहार साल में कई बार आते हैं, लेकिन यदि परिवार के सामने रोजगार और भविष्य का संकट खड़ा हो जाए तो त्योहार की खुशियां फीकी पड़ जाती हैं। इसी भावना के साथ लोग त्योहार के दिन भी धरना स्थल पर पहुंचे और आंदोलन को समर्थन दिया।
24 दिन बाद भी आंदोलन में जोश कायम
लगातार 24 दिनों से चल रहे धरने में अलग-अलग गांवों और क्षेत्रों से लोगों के पहुंचने का सिलसिला जारी है। आंदोलनकारियों का कहना है कि अब यह केवल एक क्षेत्र का मुद्दा नहीं रहा, बल्कि प्रभावित परिवारों की रोजी-रोटी और भविष्य से जुड़ा जनआंदोलन बन चुका है। धरना समिति ने भी लोगों से शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन को मजबूत करने की अपील की।
धरना स्थल पर वक्ताओं ने कहा कि सरकार को ग्रामीणों की मांगों पर गंभीरता से विचार कर जल्द समाधान की दिशा में कदम उठाना चाहिए, ताकि क्षेत्र में रोजगार और आजीविका को लेकर बनी असमंजस की स्थिति समाप्त हो सके।
🔔 Vande Bharat News Alerts
नई प्रमुख खबरों की browser notification पाने के लिए Subscribe करें।




