कोसली के वीर सपूत ब्रिगेडियर राय सिंह यादव की मूर्ति का अनावरण 11 सितंबर को महावीर चक्र से सम्मानित वीर योद्धा की स्मृति को समर्पित होगा गौरवपूर्ण आयोजन कोसली। हरियाणा की वीरभूमि न

कोसली के वीर सपूत ब्रिगेडियर राय सिंह यादव की मूर्ति का अनावरण 11 सितंबर को
महावीर चक्र से सम्मानित वीर योद्धा की स्मृति को समर्पित होगा गौरवपूर्ण आयोजन
कोसली। हरियाणा की वीरभूमि ने देश को अनेक वीर सैनिक दिए हैं।
कोसली गांव भी अपनी सैन्य परंपरा और वीर जवानों के लिए विशेष पहचान रखता है। इसी धरती पर जन्मे ब्रिगेडियर राय सिंह यादव, महावीर चक्र ने भारतीय सेना में अदम्य साहस, नेतृत्व और देशभक्ति की ऐसी मिसाल कायम की, जिसे देश लंबे समय तक याद रखेगा।
ब्रिगेडियर राय सिंह यादव का जन्म 17 मार्च 1925 को कोसली में हुआ था। उनके पिता राय साहिब गणपत सिंह ब्रिटिश भारतीय सेना में अपनी सेवाएं दे चुके थे।
राय सिंह यादव ने जालंधर के किंग जॉर्ज मिलिट्री स्कूल से शिक्षा प्राप्त की और इसके बाद भारतीय सेना में अधिकारी के रूप में अपना सैन्य जीवन शुरू किया। सेना में निभाईं महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां
ब्रिगेडियर राय सिंह यादव ने अपने शानदार सैन्य जीवन के दौरान अनेक महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं।
वे 2 ग्रेनेडियर्स से जुड़े और आगे चलकर इसकी कमान संभाली। अनुशासन, साहस और अपने सैनिकों का मनोबल बढ़ाने की क्षमता के कारण उन्होंने सेना में विशिष्ट पहचान बनाई।
उनके नेतृत्व में सैनिकों ने कठिन से कठिन परिस्थितियों का सामना किया। वे हमेशा अपने सैनिकों के साथ मजबूती से खड़े रहे और नेतृत्व का उदाहरण अग्रिम मोर्चे से प्रस्तुत किया।
नाथू ला संघर्ष में दिखाई अदम्य वीरता
साल 1967 का नाथू ला संघर्ष भारतीय सैन्य इतिहास की महत्वपूर्ण घटनाओं में शामिल है। सिक्किम के नाथू ला क्षेत्र में भारतीय और चीनी सेनाओं के बीच गंभीर सैन्य टकराव हुआ।
उस समय लेफ्टिनेंट कर्नल राय सिंह यादव 2 ग्रेनेडियर्स के कमांडिंग ऑफिसर थे। कठिन परिस्थितियों के बीच उन्होंने अपने सैनिकों का साहस और नेतृत्व के साथ मार्गदर्शन किया।
संघर्ष के दौरान वे गंभीर रूप से घायल हो गए, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने अपने सैनिकों को दिशा-निर्देश देना जारी रखा और उनका मनोबल बनाए रखा। उनके असाधारण साहस, नेतृत्व और कर्तव्य के प्रति समर्पण के लिए उन्हें देश के दूसरे सर्वोच्च युद्धकालीन वीरता पुरस्कार महावीर चक्र से सम्मानित किया गया।
उनकी वीरता के कारण नाथू ला संघर्ष में उनका नाम विशेष सम्मान के साथ लिया जाता है। कोसली और रेवाड़ी क्षेत्र के लिए गौरव
ब्रिगेडियर राय सिंह यादव केवल भारतीय सेना के लिए ही नहीं, बल्कि कोसली और पूरे रेवाड़ी क्षेत्र के लिए गौरव हैं।
उनकी वीरगाथा आज भी युवाओं और विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उनका जीवन हमें सिखाता है कि देशसेवा केवल एक नौकरी नहीं, बल्कि राष्ट्र के प्रति सर्वोच्च समर्पण है।
विपरीत परिस्थितियों में भी हिम्मत नहीं हारना, साथियों का मनोबल बनाए रखना और देशहित को सर्वोपरि रखना उनके जीवन की प्रमुख विशेषताएं थीं। 11 सितंबर को होगा मूर्ति का अनावरण
कोसली के इस महान वीर सपूत की स्मृति को चिरस्थायी बनाने और आने वाली पीढ़ियों को उनकी वीरगाथा से परिचित कराने के उद्देश्य से 11 सितंबर को ब्रिगेडियर राय सिंह यादव की मूर्ति का अनावरण किया जाएगा।
यह कार्यक्रम कोसली तथा पूरे रेवाड़ी क्षेत्र के लिए गौरव का अवसर होगा। मूर्ति के माध्यम से वीर सपूत की स्मृति को सम्मान देने के साथ-साथ युवाओं को राष्ट्रसेवा, साहस, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा की प्रेरणा भी मिलेगी।
वीर सपूत को सच्ची श्रद्धांजलि
ब्रिगेडियर राय सिंह यादव का निधन 23 मार्च 2017 को हुआ। वे अपने पीछे भारतीय सेना की वीरता, नेतृत्व और देशभक्ति की गौरवशाली विरासत छोड़ गए।
उनकी वीरता आने वाली पीढ़ियों को हमेशा प्रेरित करती रहेगी। 11 सितंबर को होने वाला मूर्ति अनावरण कार्यक्रम उनके प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर है।
समस्त क्षेत्रवासियों, पूर्व सैनिकों, युवाओं, सामाजिक संगठनों एवं गणमान्य नागरिकों से अपील है कि इस गौरवपूर्ण अवसर पर अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर कोसली के वीर सपूत ब्रिगेडियर राय सिंह यादव को श्रद्धांजलि अर्पित करें और उनकी वीरगाथा को नमन करें। “वीर कभी मरते नहीं, वे अपनी वीरता और शौर्य की कहानी के रूप में सदैव जीवित रहते हैं।”
🔔 Vande Bharat News Alerts
नई प्रमुख खबरों की browser notification पाने के लिए Subscribe करें।







