‘चीफ’ गेस्ट ‘डीएम’ और ‘सीडीओ’ नहीं, बल्कि एमएलसी प्रतिनिधि हरीश सिंह और सरोज मिश्र रहे.

अजीत मिश्रा (खोजी)
बस्ती के कलेक्ट्रेट सभागार में शिक्षक दिवस पर आयोजित सम्मान समारोह से शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारी पूरी तरह नदारद रहे।
- कलेक्ट्रेट परिसर में अपने कक्ष में मौजूद होने के बावजूद सीडीओ और तहसील दिवस की व्यस्तता का हवाला देकर डीएम कार्यक्रम से दूर रहे।
- प्रशासनिक उपेक्षा और मंच पर राजनीतिक प्रतिनिधियों के हावी रहने के कारण शिक्षकों ने इसे ‘खुला अपमान समारोह’ करार दिया।
- आयोजनों के दौरान बांटे गए सम्मान पत्रों पर एडी बेसिक का नाम मुद्रित होने के बावजूद उनके हस्ताक्षर तक नहीं मिले।
बस्ती जिले के कलेक्ट्रेट सभागार में शिक्षक दिवस (5 सितंबर) के अवसर पर आयोजित उत्कृष्ट शिक्षक सम्मान समारोह प्रशासनिक लापरवाही और राजनीतिक हस्तक्षेप के कारण सुर्खियों में आ गया है. इस कार्यक्रम की सबसे बड़ी विडंबना यह रही कि जिस शिक्षा विभाग का यह आयोजन था, उसी विभाग के जिम्मेदार अधिकारी नदारद रहे और मंच पूरी तरह से राजनीतिक प्रतिनिधियों के हवाले कर दिया गया।
प्रशासनिक गैर-जिम्मेदारी और अधिकारियों की दूरी
शिक्षक दिवस जैसे गरिमामयी पर्व पर जिले के शिक्षा विभाग के मुख्य अधिकारी नदारद दिखे. जिस विभाग का यह पूरा कार्यक्रम था, उसी विभाग के न तो बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) और न ही अपर निदेशक (एडी) बेसिक मौके पर मौजूद रहे. हद तो तब हो गई जब मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) कलेक्ट्रेट परिसर स्थित अपने कक्ष में बैठे होने के बावजूद इस कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए, जबकि जिलाधिकारी (डीएम) तहसील दिवस की व्यस्तता का हवाला देकर दूर रहे. यदि डीएम तहसील दिवस में व्यस्त थे और सीडीओ कलेक्ट्रेट में मौजूद थे, तो कम से कम उन्हें या बीएसए को इस कार्यक्रम की शोभा बढ़ानी चाहिए थी. यदि बीएसए का तहसील दिवस में होना अनिवार्य था, तो उन्हें डीएम को अवगत कराकर इस कार्यक्रम में आना चाहिए था, लेकिन प्रशासनिक अमले ने इस आयोजन के महत्व को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया. आलम यह रहा कि बांटे गए सम्मान पत्रों पर एडी बेसिक का नाम तो मुद्रित है, लेकिन उस पर उनके हस्ताक्षर तक नहीं हैं।
राजनीतिक प्रतिनिधियों का कब्जा और शिक्षकों का आक्रोश
प्रशासनिक अधिकारियों की अनुपस्थिति में मंच पर मुख्य अतिथि के रूप में एमएलसी प्रतिनिधि हरीश सिंह और सरोज मिश्र ने जगह ले ली. स्थिति यह बन गई कि शिक्षकों को विभागीय उच्च अधिकारियों के बजाय राजनीतिक प्रतिनिधियों के हाथों सम्मानित होना पड़ा. उपस्थित शिक्षकों ने इस आयोजन को सम्मान कम, बल्कि ‘खुला अपमान समारोह’ करार दिया है. शिक्षकों का कहना है कि यह अपने आप में पहला ऐसा अनूठा शिक्षक सम्मान समारोह रहा है, जिसमें विभाग और प्रशासन की उपस्थिति शून्य रही और पूरा आयोजन केवल राजनीतिक नुमाइंदों की बपौती बनकर रह गया. कार्यक्रम के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति अब्राहम लिंकन द्वारा अपने बेटे के शिक्षक को लिखे गए पत्र का भी जिक्र किया गया, जिसमें शिक्षक के वास्तविक महत्व को रेखांकित किया गया है, लेकिन स्थानीय प्रशासन इस गरिमा को समझने में पूरी तरह विफल रहा।
उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित होने वाले शिक्षक और विद्यालय
प्रशासनिक उदासीनता के बावजूद जिले के विभिन्न ब्लॉकों में शिक्षा, नामांकन और शिक्षण कौशल के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को सम्मानित किया गया. इस दौरान सम्मानित होने वाले प्रमुख विद्यालय और शिक्षक निम्नलिखित हैं:
- सर्वाधिक नामांकन वाले विद्यालय: बहादुरपुर के यूपीएस कलवारी में 69, बनकटी के अहरा में 80, गौर के तनुजा में 64, कudarha के बानपुर में 61, रामनगर के बढ़ोखर में 88, सल्तावा के डगढवा में 74, बेतौहा में 72, जगतपुर में 64, विक्रमजोत के मलौलीजोगोसाई में सर्वाधिक 96 एवं छावनी में 62 बच्चों का नया नामांकन हुआ. इसी तरह ब्लॉक के दमया में 38 एवं विक्रमजोत के पीएस बाघनाला में 34 बच्चों का नया नामांकन हुआ तथा कक्षा छह में भी सर्वाधिक नामांकन दर्ज किए गए।
- कक्षा एक में सर्वाधिक नामांकन वाले विद्यालय: बहादुरपुर के कंपोजिट पीएस कोठवा भरतपुर में 39, बनकटी के अहरा में 45, सदर के महसों में 48, मूड़घाट में 38, दक्षिण दरवाजा में 35, दुबौलिया के भरपटिया में 38, कudarha के बानपुर में 36, सल्तावा गोपालपुर के बेतौहा में 39 बच्चों का नया नामांकन हुआ।
- बेहतर कक्षा संचालन एवं शिक्षण कौशल के लिए सम्मानित शिक्षक: बहादुरपुर के पीएस मलवार की शिल्पी मिश्रा, सदर के सीएस डीरीडीहा की शिल्पी पांडेय, हर्रैया पीएच प्रथम की निरुपता तिवारी, हर्रैया के पीएस मौली के राम प्यारे, कप्तानगंज के पीएस महुआ लहानपुर की खुशबू, कुदरहा के पीएस सिकंदरपुर की सोनी सिंह, रुधौली के यूपीएस मझवाएला के सुरेंद्र कुमार चौधरी, रुधौली के पीएस बखिया के अविनाश शुक्ला, सल्टौआ के सीएस पड़रिया दत्तु के कृष्ण पांडेय, यूपीएस कोटिला के चंद्र शेखर पांडेय, साउघाट के सीएस जीवधारा के शिवाकांत पांडेय एवं निवेदिता श्रीवास्तव सम्मानित हुईं।
- बेहतर एवं सुसज्जित स्कूल परिसर के लिए सम्मानित प्रधानाचार्य/शिक्षक: बहादुरपुर के यूपीएस नगर बाजार के प्रधानाचार्य प्रमोद सिंह, हर्रैया के जेएचएस जथैरिया के राम सागर वर्मा, परसामपुर के यूपीएस जतौलिया के अजय पांडेय, रामनगर के पीएस पकड़ी के निखिल एवं कुदरहा के यूपीएस कुदरहा के सुनील कुमार यादव शामिल रहे।
- अन्य सम्मानित शिक्षक: विद्यालयों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले हर्रैया के पीएस भावनापुर के राम रक्षा भर एवं इसी ब्लॉक के पीएस हदही के अरविंद कुमार विश्वकर्मा को भी सम्मानित किया गया।
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