सिलचट सड़क की बदहाली पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, बोले—कुंभकर्णी नींद में सोए हैं जनप्रतिनिधि,आंदोलन के बाद बनी ग्रेवल सड़क बारिश होते ही बह गई* *सड़क में जगह-जगह गड्ढे बने हादसो

*सिलचट सड़क की बदहाली पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, बोले—कुंभकर्णी नींद में सोए हैं जनप्रतिनिधि,आंदोलन के बाद बनी ग्रेवल सड़क बारिश होते ही बह गई*
*सड़क में जगह-जगह गड्ढे बने हादसों का खतरा; ग्रामीणों की चेतावनी—सड़क नहीं बनी तो होगा बृहद आंदोलन*
रीवा। गुढ़ विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत बड़ागांव टोला सिलचट में सड़क की बदहाली को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। गांव तक पहुंचने वाला एकमात्र मुख्य मार्ग बारिश के बाद पूरी तरह जर्जर हो गया है। जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे बन चुके हैं और कई हिस्सों में सड़क बारिश के पानी के तेज बहाव में बह गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि जनप्रतिनिधियों के आश्वासन के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका।
*आंदोलन के बाद बनी सड़क, बारिश ने खोली गुणवत्ता की पोल*
ग्रामीणों के मुताबिक सिलचट पहुंच मार्ग की बदहाली को लेकर पूर्व में आंदोलन किया गया था। इसके बाद ग्रेवल सड़क का निर्माण कराया गया। सड़क का भूमिपूजन गुढ़ विधायक नागेंद्र सिंह द्वारा किया गया था, जबकि वार्ड क्रमांक 15 के जिला पंचायत सदस्य लालमणि त्रिपाठी विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे,ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण में गुणवत्ता का पर्याप्त ध्यान नहीं रखा गया। पानी की निकासी के लिए उचित व्यवस्था नहीं होने और आवश्यक स्थानों पर पुल-पुलिया व नालियां नहीं बनाए जाने के कारण बारिश के दौरान सड़क के कई हिस्से बह गए। अब मार्ग पर गहरे गड्ढे हादसों को न्योता दे रहे हैं।
*प्रपत्र जारी हुआ, लेकिन धरातल पर नहीं दिखा काम*
ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्रीय विधायक द्वारा सड़क निर्माण को लेकर लोक निर्माण विभाग को प्रपत्र भी जारी किया गया था, लेकिन इसके बावजूद सड़क की तस्वीर नहीं बदली। ग्रामीणों के अनुसार अब तक स्थायी निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ और बारिश के बाद समस्या और गंभीर हो गई है,यह मार्ग ग्रामीणों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इसी रास्ते से लोग रोजमर्रा के कामों के लिए आवागमन करते हैं। सड़क खराब होने से दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों के साथ पैदल राहगीरों को भी परेशानी हो रही है। माध्यमिक विद्यालय आने-जाने वाले शिक्षक-शिक्षिकाओं और अन्य शासकीय संस्थानों के कर्मचारियों को भी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
*ग्रामीण बोले—चुनाव में वादे, बाद में कोई सुध लेने नहीं आता*
ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों पर उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहा कि चुनाव के दौरान नेता गांव में पहुंचकर बड़े-बड़े वादे करते हैं, लेकिन चुनाव खत्म होने के बाद ग्रामीणों की समस्याओं की ओर ध्यान नहीं दिया जाता,ग्रामीणों का कहना है कि आजादी के दशकों बाद भी सिलचट को स्थायी और पक्की सड़क नहीं मिल सकी है। विकास के दावों के बीच गांव की जमीनी हकीकत बदहाल सड़क के रूप में सामने है।
*ग्रामीणों की दो टूक—सड़क नहीं बनी तो किया जाएगा बृहद आंदोलन*
सड़क की बदहाली से नाराज ग्रामीणों ने अब आंदोलन की चेतावनी दी है। ग्रामीणों ने कहा कि यदि सिलचट पहुंच मार्ग का शीघ्र स्थायी निर्माण नहीं कराया गया तो वे दोबारा आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे,ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों और समाजसेवियों को चेतावनी देते हुए कहा कि सिर्फ वोट के समय गांव में आने वालों को आने वाले समय में दिया जाएगा करारा जवाब।
Vande Bharat live TV* news ✍️reporter Praveen Kumar Prajapati
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