बस्ती के दरोगा विजय प्रताप यादव पर आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज

अजीत मिश्रा (खोजी)
जांच के दौरान वैध आय से 35 लाख 14 हजार 866 रुपये अधिक खर्च करने की हुई पुष्टि
- छह साल पहले वर्ष 2020 में भी 40 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए एंटी करप्शन टीम द्वारा पकड़े जा चुके हैं दरोगा
- दरोगा के परिवार का विदेश कनेक्शन, बेटियां रूस में कर रही हैं पढ़ाई और भाई बैंकॉक में कार्यरत
- परिवार द्वारा पांच बीघा खेती की जमीन और शहर में तीन बड़े फ्लैट खरीदने का हुआ खुलासा
बस्ती जिले के लालगंज थाने में तैनात दरोगा विजय प्रताप यादव पर भ्रष्टाचार और आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया गया है। एंटी करप्शन यूनिट, गोरखपुर द्वारा की गई जांच के मुताबिक, दरोगा की वैध आय 84 लाख 62 हजार 834 रुपये थी, जबकि परिवार के भरण-पोषण और अन्य मदों पर कुल खर्च 1 करोड़ 19 लाख 77 हजार 700 रुपये पाया गया। इस तरह उन्होंने अपनी वैध आय से 35 लाख 14 हजार 866 रुपये अधिक खर्च किए। दिसंबर 2023 में शुरू हुई इस जांच को पहले पुलिस उपाधीक्षक रामसेन सिंह ने किया था और बाद में दरोगा के सेवानिवृत्त होने पर जांच निरीक्षक उदय प्रताप सिंह यादव को सौंपी गई थी। मूल रूप से गोरखपुर के गोला थाना क्षेत्र के डाड़ी गांव के रहने वाले विजय प्रताप इस अंतर पर संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं दे सके।
दरोगा विजय प्रताप यादव पर भ्रष्टाचार का यह कोई पहला मामला नहीं है। करीब छह साल पहले वर्ष 2020 में भी लालगंज थाने में तैनाती के दौरान उन्हें एंटी करप्शन टीम ने 40 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया था। जुलाई 2020 में लालगंज क्षेत्र के बानपुर निवासी धर्मेंद्र चौधरी का शव घर में पंखे से लटका मिला था और परिजनों ने पांच लोगों पर आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया था। इस विवेचना के दौरान एसआई विजय प्रताप ने मुकदमे से नाम निकालने के एवज में रिश्वत मांगी थी, जिसके बाद शिकायत पर एंटी करप्शन टीम ने बनकटी ब्लॉक मुख्यालय के पास जाल बिछाकर उन्हें गिरफ्तार किया था और तत्कालीन पुलिस अधीक्षक द्वारा उन्हें निलंबित भी किया गया था।
जांच में दरोगा के परिवार के विदेश कनेक्शन और अकूत संपत्तियों का भी खुलासा हुआ है। विजय प्रताप तीन भाइयों में दूसरे नंबर पर हैं, जिनके बड़े भाई उदय प्रताप बैंकॉक में काम करते हैं और छोटे भाई राम प्रताप सेना के सूबेदार पद से इस्तीफा देने के बाद बैंकॉक में रोजगार कर रहे हैं। परिवार के बच्चों की पढ़ाई भी विदेश में हो रही है, जहां विजय प्रताप और उदय प्रताप की बेटियां रूस में पढ़ रही हैं और विजय अपने बेटे को उच्च शिक्षा के लिए इटली भेजने की तैयारी में था।
ग्रामीणों के अनुसार, परिवार ने हाल ही में करीब 22 लाख रुपये प्रति बीघा की दर से पांच बीघा खेती की जमीन और शहर में तीन बड़े फ्लैट खरीदे हैं। हालांकि, इन संपत्तियों की खरीद और स्वामित्व का वास्तविक ब्योरा जांच में सामने आने वाले दस्तावेजों से ही स्पष्ट होगा। उनके पिता एक सरकारी शिक्षक थे और निधन के बाद उनकी मां को पेंशन मिलती है, लेकिन परिवार की आय के अन्य स्रोतों और विदेशों में रह रहे भाइयों की कमाई को लेकर भी जांच के दौरान मिले दस्तावेज महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। एंटी करप्शन यूनिट द्वारा ज्ञात आय और खर्च का मिलान करने के बाद यह मामला दर्ज किया गया है।
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