अमानक शराब पर जिला प्रशासन का कड़ा रुख,अवैध शराब की रोकथाम के लिए त्रिस्तरीय रणनीति – सर्वे, चौपाल और सख्त कानूनी कार्रवाई

सागर।वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज रिपोर्टर सुशील द्विवेदी 8225072664 *जिले में अवैध एवं अमानक/जहरीली शराब की बिक्री व सेवन पर पूर्णतः अंकुश लगाने तथा नशामुक्त समाज के निर्माण हेतु जिला प्रशासन ने अत्यंत सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल की अध्यक्षता में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में राजस्व एवं ग्रामीण विकास अमले को क्षेत्र में सतर्कता बढ़ाने और जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम करने के कड़े निर्देश जारी किए गए हैं।
बैठक में जिला पंचायत सीईओ जगदीश गोमे, अपर कलेक्टर अविनाश रावत, बंडा एसडीएम संजय जैन, जनपद सीईओ सुश्री शिवानी कौरव सहित अन्य वरिष्ठ जिलाधिकारी, सचिव, जीआरएस एवं पटवारी उपस्थित रहे। पटवारी, सचिव, आशा/एएनएम, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं कोटवार की संयुक्त टीम प्रत्येक गांव में घर-घर जाकर सर्वेक्षण करेगी।
शराब के आदी व्यक्तियों की पहचान कर उनसे संवाद कायम किया जाएगा तथा उन्हें उनके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक नशा छोड़ने की समझाइश दी जाएगी। अमानक व जहरीली शराब के सेवन से होने वाले दुष्प्रभावों को ध्यान में रखते हुए गांव-गांव में संदिग्ध लक्षणों वाले व्यक्तियों की हेल्थ स्क्रीनिंग की जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग की टीमों को मुस्तैद रहकर संदिग्ध पाए जाने वाले व्यक्तियों की तत्काल चिकित्सकीय जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। अमानक या विषैली शराब के सेवन के लक्षण आमतौर पर 24 से 36 घंटे के भीतर सामने आने लगते हैं।
ऐसे में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तथा बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रखा गया है। किसी भी व्यक्ति में लक्षण दिखने पर उसे तत्काल एम्बुलेंस से अस्पताल पहुंचाकर त्वरित और समुचित इलाज उपलब्ध कराने की पूरी व्यवस्था की गई है।
गांवों में जन-जागृति हेतु आज से चौपालों का आयोजन किया जाएगा। सभी परिवारों की सूची तैयार कर यह सुनिश्चित किया जाएगा कि प्रत्येक घर से कम से कम एक सदस्य जन-चौपाल में अनिवार्य रूप से उपस्थित हो।
क्षेत्र में जांच के दौरान कहीं भी अवैध या अमानक शराब पाई जाती है, तो उसे मौके पर ही जब्त कर पूरी तरह विनष्ट किया जाएगा। इसी प्रकार अवैध शराब के निर्माण, परिवहन एवं बिक्री में संलिप्त तत्वों व नेटवर्क की नामजद सूची तैयार कर सीधे तहसीलदार, एसडीएम एवं पुलिस प्रशासन को सौंपी जाएगी, ताकि उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सके।
कलेक्टर ने एसडीएम एवं मैदानी अमले को अपने-अपने क्षेत्रों में ग्राउंड प्रेजेंस बढ़ाने और मजबूत सूचना तंत्र विकसित करने के निर्देश दिए हैं, ताकि भविष्य में इस प्रकार की किसी भी घटना की पुनरावृत्ति न हो। कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने स्पष्ट शब्दों में हिदायत दी है कि नशामुक्त अभियान एवं जनस्वास्थ्य सुरक्षा में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
संपूर्ण प्रशासनिक व स्वास्थ्य अमला आपसी समन्वय के साथ तत्परता से परिणाममूलक कार्रवाई सुनिश्चित करेगा।
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