मगध मेडिकल अस्पताल में व्यवस्था सुधार को लेकर डीएम सख्त l

*मगध मेडिकल अस्पताल में व्यवस्था सुधार को लेकर डीएम सख्त*
*साफ-सफाई में कमी पर छह हॉस्पिटल एवं हेल्थ मैनेजर से स्पष्टीकरण, वेतन बंद करने का निर्देश*
*10 दिनों में अपेक्षित सुधार नहीं होने पर विभागीय कार्रवाई की चेतावनी*
गया, 09 सितंबर 2026, जिला पदाधिकारी गया श्री शशांक शुभंकर द्वारा आज मगध मेडिकल अस्पताल का विस्तृत निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल परिसर एवं विभिन्न वार्डों में साफ-सफाई, जलजमाव, प्रकाश व्यवस्था, चिकित्सकीय सुविधाओं, दवा की उपलब्धता, मरीजों को दिए जाने वाले भोजन, डॉक्टरों की उपस्थिति सहित अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया।
अस्पताल परिसर में साफ-सफाई की स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं पाए जाने पर जिला पदाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने अस्पताल में कार्यरत सभी 6 हॉस्पिटल मैनेजर एवं हेल्थ मैनेजर से स्पष्टीकरण पूछने तथा उनके वेतन को तत्काल प्रभाव से बंद करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि अस्पताल की व्यवस्थाओं में अगले 10 दिनों के अंदर अपेक्षित सुधार सुनिश्चित किया जाए। निर्धारित अवधि में सुधार नहीं होने की स्थिति में संबंधित के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई प्रारंभ करने की चेतावनी दी गई।
निरीक्षण के दौरान अस्पताल भवन के प्रवेश द्वार पर बारिश का पानी जमा पाया गया। जिला पदाधिकारी ने तत्काल जल निकासी सुनिश्चित कराने तथा प्रवेश द्वार के आसपास पेवर ब्लॉक बिछाने का निर्देश बीएमएसआईसीएल की एजेंसी को दिया। उन्होंने अस्पताल परिसर का समग्र निरीक्षण करते हुए जहां-कहीं भी कमी पाई जाए, उसकी सूची तैयार कर प्राथमिकता के आधार पर उसे दुरुस्त कराने का निर्देश दिया।
जिला पदाधिकारी ने अस्पताल परिसर में जलजमाव की समस्या वाले सभी स्थानों को चिन्हित कर उसका स्थायी समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। इमरजेंसी मेडिसिन वार्ड में खराब पंखे एवं एयर कंडीशन, एमसीएच वार्ड में खराब एयर कंडीशन सहित अन्य तकनीकी कमियों को तत्काल दूर करने का निर्देश दिया गया। साथ ही अस्पताल परिसर में जहां कहीं भी ब्लैक स्पॉट हैं, वहां अतिरिक्त प्रकाश की व्यवस्था करने सहित सभी चिन्हित कमियों को अगले 7 दिनों के अंदर दूर करने का निर्देश दिया गया।
*अस्पताल परिसर में निजी एंबुलेंस के प्रवेश पर रोक*
निरीक्षण के दौरान अस्पताल परिसर में निजी एंबुलेंस खड़े पाए जाने पर जिला पदाधिकारी ने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने अस्पताल प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिया कि किसी भी परिस्थिति में निजी एंबुलेंस को अस्पताल परिसर में प्रवेश नहीं करने दिया जाए। उन्होंने अनुमंडल पदाधिकारी सदर एवं पुलिस उपाधीक्षक नगर को निर्देश दिया कि आज ही विशेष अभियान चलाकर अस्पताल परिसर में खड़े निजी एंबुलेंस को बाहर कराया जाए तथा नियम के अनुरूप आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
*दवाओं की उपलब्धता की ली जानकारी*
जिला पदाधिकारी ने नवजात शिशु ओपीडी वार्ड का भी निरीक्षण किया। उन्होंने चिकित्सक द्वारा बच्चों के लिए लिखी जा रही दवाओं का अवलोकन किया तथा अस्पताल में उपलब्ध दवाओं एवं मरीजों को बाहर से खरीदनी पड़ रही दवाओं की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने अधीक्षक, मगध मेडिकल अस्पताल को निर्देश दिया कि मरीजों के लिए आवश्यक सभी बेसिक दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता अस्पताल में सुनिश्चित रखी जाए, ताकि मरीजों को अनावश्यक रूप से बाहर से दवा खरीदने की आवश्यकता न पड़े।
*प्रतिदिन निर्धारित कलर कोड के अनुसार बदली जाए बेडशीट*
निरीक्षण के दौरान जिला पदाधिकारी ने वार्डों में बेडशीट की व्यवस्था की भी समीक्षा की। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार के स्तर से प्रत्येक दिन के लिए अलग-अलग कलर कोडिंग के अनुसार बेडशीट बदलने के संबंध में निर्देश जारी हैं। उन्होंने अस्पताल प्रशासन एवं सभी हॉस्पिटल मैनेजर को निर्देश दिया कि निर्धारित कलर कोड के अनुसार प्रतिदिन प्रत्येक बेड की चादर/बेडशीट बदली जाए और इसका प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।
सभी वार्डों में साफ-सफाई की स्थिति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए जिला पदाधिकारी ने सख्त निर्देश दिया कि साफ-सफाई की गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने सफाई टीम को और बेहतर तरीके से कार्य कराने तथा नियमित मॉनिटरिंग करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि कहीं भी सफाई में कमी पाए जाने पर संबंधित एजेंसी के विरुद्ध पेनल्टी की कार्रवाई की जाएगी।
*शौचालयों की सफाई की स्वयं की जांच*
जिला पदाधिकारी ने अस्पताल के विभिन्न वार्डों में स्थित शौचालयों की सफाई व्यवस्था का भी स्वयं घूम-घूमकर निरीक्षण किया। कई स्थानों पर अपेक्षित स्तर की सफाई नहीं पाए जाने पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को तत्काल सुधार कराने का निर्देश दिया। उन्होंने सुलभ सफाई एजेंसी को अस्पताल के सभी शौचालयों में बेहतर एवं नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
*डॉक्टरों की रोस्टर एवं रात्रिकालीन उपस्थिति पर विशेष निगरानी*
जिला पदाधिकारी ने निर्देश दिया कि अस्पताल में प्रतिदिन डॉक्टरों का रोस्टर अस्पताल के सभी प्रमुख एवं सार्वजनिक स्थानों पर प्रदर्शित किया जाए, ताकि मरीजों एवं उनके परिजनों को स्पष्ट रूप से जानकारी मिल सके कि कौन से चिकित्सक किस दिन और किस समय अस्पताल में उपलब्ध रहेंगे।
उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि सभी चिकित्सक निर्धारित रोस्टर के अनुसार अपनी ड्यूटी का निर्वहन सुनिश्चित करें। विशेष रूप से रात्रिकालीन अवधि में चिकित्सकों के अनुपस्थित रहने की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने अधीक्षक एवं उपाधीक्षक को निर्देश दिया कि वे प्रतिदिन रात्रि में अस्पताल का औचक निरीक्षण कर रोस्टर के अनुसार चिकित्सकों की उपस्थिति की जांच करें तथा इसकी रिपोर्ट प्रतिदिन जिला पदाधिकारी को उपलब्ध कराएं।
*मरीजों के भोजन की गुणवत्ता में सुधार के निर्देश*
निरीक्षण के दौरान मरीजों को उपलब्ध कराए जा रहे भोजन की गुणवत्ता की भी समीक्षा की गई। जिला पदाधिकारी ने भोजन की गुणवत्ता में और सुधार की आवश्यकता बताते हुए अधीक्षक, मगध मेडिकल अस्पताल को अगले 24 घंटे के अंदर अपेक्षित सुधार सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
जिला पदाधिकारी ने कहा कि मगध मेडिकल अस्पताल में दूर-दराज से बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए आते हैं। ऐसे में अस्पताल परिसर की साफ-सफाई, दवाओं की उपलब्धता, चिकित्सकों की उपस्थिति, भोजन की गुणवत्ता, पेयजल, शौचालय, प्रकाश एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों एवं एजेंसियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए पूरी जिम्मेदारी एवं संवेदनशीलता के साथ कार्य करें।
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