साइबर अपराधियों के नए पैंतरो से सावधान! सारंगढ़-बिलाईगढ़ पुलिस ने 7342 लोगों को दिए डिजिटल सुरक्षा के गुरु

सारंगढ़-बिलाईगढ़:छत्तीसगढ़ पुलिस के दिशानिर्देशों के तहत चलाए जा रहे 'साइबर जागृति अभियान' के चौथे चरण के अंतर्गत सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में एक विशेष जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। 02 अक्टूबर तक चलने वाले इस अभियान का चौथा सप्ताह विशेष रूप से स्मार्टफोन प्राइवेसी और सुरक्षित ब्राउज़िंग पर केंद्रित है।
इसी थीम के आधार पर जिले के विभिन्न थानों, चौकियों, ग्रामीण इलाकों, स्कूलों और कॉलेजों सहित कुल 101 स्थानों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिसमें 7,342 नागरिकों को डिजिटल सुरक्षा और साइबर फ्रॉड से बचने के उपाय सिखाए गए। एआई तकनीक और 'डीपफेक' का बढ़ता खतरा
पुलिस टीमों ने नागरिकों को आगाह किया कि ठग अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डीपफेक तकनीक का सहारा ले रहे हैं।
इसके जरिए अपराधी किसी परिचित की आवाज या वीडियो बनाकर मुसीबत का नाटक करते हैं और पैसों की मांग करते हैं। पुलिस ने सलाह दी है कि ऐसे मामलों में जल्दबाजी में पैसे ट्रांसफर न करें, बल्कि पहले उस व्यक्ति से सीधे संपर्क कर सच्चाई की पुष्टि करें।
'डिजिटल अरेस्ट' केवल एक छलावा
कार्यक्रम में बताया गया कि ठग खुद को सीबीआई, पुलिस या कस्टम अधिकारी बताकर वीडियो कॉल पर डराते हैं और 'डिजिटल अरेस्ट' की धमकी देते हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया कि कानून में 'डिजिटल अरेस्ट' का कोई प्रावधान नहीं है और असली पुलिस कभी भी वीडियो कॉल पर पूछताछ या पैसों की मांग नहीं करती।
फर्जी ट्रेडिंग ऐप्स और सार्वजनिक वाई-फाई से बचें
सोशल मीडिया, टेलीग्राम या व्हाट्सएप पर शेयर बाजार और आईपीओ में भारी मुनाफे का लालच देने वाले फर्जी ट्रेडिंग ऐप्स से दूर रहने की अपील की गई। नागरिकों से केवल सेबी (SEBI) या आरबीआई (RBI) से मान्यता प्राप्त प्लेटफॉर्म्स का उपयोग करने को कहा गया।
साथ ही, सार्वजनिक वाई-फाई के इस्तेमाल के दौरान बैंकिंग या वित्तीय लेनदेन न करने और किसी अनजान के कहने पर स्क्रीन शेयरिंग ऐप्स डाउनलोड न करने की हिदायत दी गई। ठगी होने पर तुरंत 1930 पर करें संपर्क
पुलिस ने नागरिकों को अपना ओटीपी, यूपीआई पिन, पासवर्ड या बैंक विवरण किसी से साझा न करने की सलाह दी।
यदि कोई व्यक्ति साइबर फ्रॉड का शिकार हो जाता है, तो उसे बिना समय गंवाए तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करने या नजदीकी थाने में सूचना देने का आग्रह किया गया है। समय रहते दी गई सूचना से ठगी गई राशि को बैंक स्तर पर होल्ड कराने में सफलता मिलती है।
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