सिंगरौली: छात्रावास की व्यवस्थाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी सात दिवस में व्यवस्थाएं दुरुस्त कर दें प्रतिवेदन- कमिश्नर

सिंगरौली: छात्रावास की व्यवस्थाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी सात दिवस में व्यवस्थाएं दुरुस्त कर दें प्रतिवेदन- कमिश्नर
छात्रावास अधीक्षिका को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश।
सिंगरौली: कमिश्नर रीवा शीलेन्द्र सिंह एवं कलेक्टर गौरव बैनल ने जन विश्वास अभियान के तहत 50 सीटर अनुसूचित जनजाति कन्या छात्रावास देवसर का संयुक्त रूप से निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कमिश्नर एवं कलेक्टर ने छात्रावास की साफ-सफाई व्यवस्था, भोजन व्यवस्था, पेयजल सहित छात्राओं को उपलब्ध कराई जा रही मूलभूत सुविधाओं का जायजा लिया तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
कमिश्नर एवं कलेक्टर ने छात्रावास के डायनिंग हॉल एवं किचन का निरीक्षण करते हुए निर्देश दिए कि छात्राओं को व्यवस्थित रूप से बैठकर भोजन करने के लिए डायनिंग हॉल में पर्याप्त फर्नीचर की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। छात्रावास में उपलब्ध रोटी मेकर मशीन को तत्काल चालू कराने तथा रसोइयों को मशीन के संचालन का आवश्यक प्रशिक्षण दिलाने के निर्देश भी दिए गए। छात्राओं को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए आरओ मशीन स्थापित करने तथा छात्रावास में शत-प्रतिशत प्रवेश सुनिश्चित करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए।
निरीक्षण के दौरान कमिश्नर एवं कलेक्टर ने छात्रावास में उपस्थित छात्राओं से सीधे संवाद कर उन्हें उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं एवं भोजन व्यवस्था के संबंध में जानकारी ली। छात्राओं ने बताया कि उन्हें निर्धारित मेनू के अनुसार नाश्ता एवं भोजन उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है तथा भोजन की गुणवत्ता एवं स्वाद भी संतोषजनक नहीं है। छात्राओं की शिकायत पर कमिश्नर ने नाराजगी व्यक्त करते हुए छात्रावास अधीक्षक को स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्धारित मेनू के अनुसार छात्राओं को पौष्टिक एवं पर्याप्त मात्रा में नाश्ता तथा भोजन उपलब्ध कराया जाए। भोजन की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाए तथा छात्रावास की नियमित जांच सुनिश्चित की जाए। साथ ही छात्राओं का समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण कराने के निर्देश भी दिए गए।
निरीक्षण के दौरान छात्रावास की व्यवस्थाओं में मिली कमियों पर नाराजगी जताते हुए संबंधित छात्रावास अधीक्षिका को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। साथ ही व्यवस्थाओं में तत्काल सुधार सुनिश्चित करने तथा लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।कमिश्नर ने सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग को निर्देशित किया कि छात्रावास की सभी मूलभूत व्यवस्थाओं को सात दिवस के भीतर अनिवार्य रूप से पूर्ण कर पालन प्रतिवेदन प्रस्तुत करें। उन्होंने छात्रावासों की नियमित निगरानी के लिए नोडल अधिकारियों की नियुक्ति कर समय-समय पर निरीक्षण कराने के निर्देश भी दिए। निरीक्षण के दौरान छात्रावास में बाउंड्रीवॉल नहीं होने की स्थिति भी सामने आई, जिसके कारण बाहरी व्यक्तियों के बिना रोक-टोक परिसर में प्रवेश की संभावना बनी हुई है। इस पर कमिश्नर ने छात्राओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सात दिवस के भीतर बाउंड्रीवॉल निर्माण के लिए प्रस्ताव तैयार कर संबंधित विभाग को भेजने के निर्देश दिए।
छात्रावास के आसपास अतिक्रमण की स्थिति की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के लिए तहसीलदार को भी निर्देशित किया गया। कमिश्नर ने कहा कि छात्रावासों में रहने वाली छात्राओं को सुरक्षित, स्वच्छ एवं सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। छात्राओं को शासन द्वारा निर्धारित सुविधाएं एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन समय पर उपलब्ध हों, यह संबंधित अधिकारी सुनिश्चित करें। इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण के दौरान सीईओ जिला पंचायत संघप्रिय, एसडीएम देवसर सुशीर श्रीकृष्ण श्रीराम, सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
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