कलेक्ट्रेट सभागार में मुख्य विकास अधिकारी महेंद्र कुमार सिंह की अध्यक्षता में उद्योग एवं व्यापार बंधु की हुई बैठक

उद्योग/व्यापार बंधु की बैठक में सीडीओ के कड़े निर्देश –
सीएम युवा योजना के लंबित आवेदनों का प्राथमिकता से करें निस्तारण, बिना ठोस कारण आवेदन निरस्त न करने की हिदायत
महराजगंज। महराजगंज।
कलेक्ट्रेट सभागार में मुख्य विकास अधिकारी महेंद्र कुमार सिंह की अध्यक्षता में उद्योग एवं व्यापार बंधु की बैठक आयोजित की गई। बैठक में रोजगारपरक योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए सीडीओ ने बैंकों को लंबित ऋण आवेदनों के शीघ्र और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए।
सीडीओ ने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान (सीएम युवा), प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना और ओडीओपी सहित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने सभी बैंक शाखा प्रबंधकों को निर्देशित किया कि स्वरोजगारपरक ऋण योजनाओं के लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण कर अधिक से अधिक पात्र युवाओं और इच्छुक लोगों को ऋण उपलब्ध कराया जाए।
उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि बिना पुख्ता कारण के किसी भी ऋण आवेदन को निरस्त न किया जाए। उपायुक्त उद्योग को बैंकवार लंबित आवेदनों की सूची तैयार कर संबंधित बैंक शाखाओं से समन्वय करते हुए मामलों का निस्तारण कराने के निर्देश दिए।
बैठक में बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान का लक्ष्य 1,800 है, जिसके सापेक्ष अब तक 1,320 आवेदन बैंकों को भेजे गए हैं। इनमें 461 आवेदन स्वीकृत हुए हैं और 443 मामलों में ऋण वितरण किया जा चुका है।
वहीं 317 आवेदन स्वीकृति तथा 43 आवेदन ऋण वितरण के लिए लंबित हैं। मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना में 128 के भौतिक लक्ष्य के सापेक्ष 149 आवेदन बैंकों को भेजे गए हैं।
इनमें 47 आवेदन स्वीकृत और 33 मामलों में ऋण वितरण किया जा चुका है। ओडीओपी योजना में 26 के लक्ष्य के सापेक्ष 34 आवेदन बैंकों को भेजे गए हैं, जिनमें 13 मामलों में ऋण वितरण हो चुका है।
सीडीओ ने कहा कि ओडीओपी जनपद की पहचान से जुड़ी महत्वपूर्ण योजना है। उन्होंने बैंकों से इसमें विशेष रुचि लेते हुए काष्ठ उत्पाद से जुड़े व्यवसायों को आगे बढ़ाने में सहयोग करने को कहा।
व्यापार बंधु की बैठक में सीडीओ ने जीएसटी पंजीयन बढ़ाने पर भी जोर दिया। उन्होंने व्यापारियों से अधिक से अधिक लोगों को जीएसटी पंजीयन के लिए प्रेरित करने की अपील की।
उन्होंने बताया कि जीएसटी पंजीयन कराने वाले व्यापारियों को मुख्यमंत्री व्यापारी दुर्घटना योजना के तहत 10 लाख रुपये का बीमा कवर मिलता है और पंजीयन प्राप्त होते ही यह सुविधा उपलब्ध हो जाती है। बैठक में उद्यमियों और व्यापारियों ने विभिन्न समस्याएं भी अधिकारियों के समक्ष रखीं।
सीडीओ ने संबंधित विभागों को समस्याओं के समन्वय के साथ शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए। इस दौरान उपायुक्त उद्योग नीरज सिंह, उपायुक्त राज्यकर हरिशंकर प्रसाद, सहायक आयुक्त राकेश जायसवाल, एलडीएम बी.एन.
मिश्रा सहित व्यापारी एवं उद्यमी फूल चंद अग्रवाल, प्रमोद जायसवाल, सुरेश रूगंटा, पशुपतिनाथ गुप्ता सहित अन्य उपस्थित रहे।
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