भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर समेत कई जिलों में बारिश की संभावना।… 45 जिलों में बारिश, कई जिलों में भीषण गर्मी

तेजकुमार जारवाल, ज़िला रिपोर्टर/वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज़,/ इंदौर,
मध्यप्रदेश में मानसून की विदाई का समय करीब आ गया है, लेकिन प्रदेश में बारिश का दौर अभी जारी है। उत्तर अंडमान सागर में बन रहे निम्न दबाव क्षेत्र के प्रभाव से अगले चार दिनों तक प्रदेश के मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर और ग्वालियर समेत कई जिलों में हल्की से तेज बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने दी जानकारी, मौसम विशेषज्ञ के अनुसार, उत्तर अंडमान सागर में बन रहे मौसम तंत्र की दिशा और उसकी ताकत इस बात पर निर्भर करेगी कि मध्यप्रदेश में बारिश का असर कितना रहेगा।
फिलहाल 23 सितंबर तक प्रदेश में भारी बारिश का कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया है। हालांकि, यदि नया मौसम तंत्र अपेक्षा से ज्यादा मजबूत होता है तो आगामी दिनों के पूर्वानुमान में बदलाव किया जा सकता है।
भोपाल में बड़े डेम का जलस्तर, गेट खोल दिए गए हैं। भोपाल ओर आस पास के छेत्रो में रात भर हुई बारिश के कारण जलाशायो में पानी की आवक बढ़ गई है।
शनिवार को बड़े तालाब का जलस्तर बढ़ने के बाद भदभदा डैम का एक गेट खोला गया है। इसके बाद पानी की आवक को देखते हुए और लगातार बारिश के कारण भोपाल के आस-पास के इलाकों के जलस्त्रोत मैं पानी का स्तर देखते हुए कलियासोत डैम के दो गेट भी खोलने पड़ें।
लगातार बारिश के कारण भोपाल के आस-पास के इलाकों में पानी का स्तरबढ़ने लगा है। प्रशासन और संबंधित विभाग जलस्तर की स्थिति पर नज़र बनाए हुए हैं।
ब्यावरा में नदी-नाले उफान पर
राजगढ़ जिले के ब्यावरा क्षेत्र में लगातार बारिश के कारण नदी-नालों में पानी बढ़ गया। अजनार नदी का पानी पुल के ऊपर से बहने लगा, जिससे आसपास के इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए।
आगर-मालवा जिले में भी कई स्थानों पर तेज बारिश हुई। नलखेड़ा में मां बगलामुखी मंदिर के सामने नाले में एक कार बहने की घटना सामने आई।
इस हादसे में आठ लोगों की मौत होने की जानकारी सामने आई है।45 जिलों में हुई बारिश
शनिवार को मध्यप्रदेश के करीब 45 जिलों में बारिश दर्ज की गई। कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश हुई।
सबसे ज्यादा बारिश विदिशा जिले के लटेरी में रिकॉर्ड की गई, जहां करीब 4.2 इंच पानी गिरा। इसके अलावा गुना जिले के कुंभराज में करीब 4 इंच, आगर-मालवा के नलखेड़ा में 92 मिमी यानी 3.7 इंच बारिश दर्ज हुई।
आगर जिले के बड़ौद में करीब 2.9 इंच, गुना के राघौगढ़ में 2.8 इंच और राजगढ़ के खिलचीपुर तथा आगर शहर में करीब ढाई इंच बारिश हुई। इन जिलों में भी बारिश का असर
बारिश का प्रभाव प्रदेश के कई हिस्सों में देखने को मिला।
शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, दतिया, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, सतना, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, डिंडौरी, पांढुर्णा, भोपाल, राजगढ़, सीहोर, विदिशा, रायसेन, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, उज्जैन, देवास, रतलाम, शाजापुर, मंदसौर, नीमच, आगर-मालवा, इंदौर, धार, झाबुआ, आलीराजपुर, बड़वानी, खंडवा, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, श्योपुर, सागर और दमोह में बारिश दर्ज की गई, गर्मी का भी प्रकोप
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक मानसून की विदाई से पहले प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश का दौर कुछ दिनों तक जारी रह सकता है। नए निम्न दबाव क्षेत्र की गतिविधियों पर मौसम विभाग की नजर बनी हुई है, हालांकि कुछ इलाकों में गर्मी अपना प्रकोप दिखाती रहेगी।
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