नशे से दूर ही स्वस्थ जीवन की पहली सीढ़ी: एनसीबी हरियाणा

नशे से दूरी ही स्वस्थ जीवन की पहली सीढ़ी : एनसीबी हरियाणा
नूह। विश्व गुलाब दिवस के अवसर पर हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो द्वारा राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, उजीना में नशे के विरुद्ध विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने तथा अपने परिवार और समाज को नशा मुक्त बनाने का संकल्प लेने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के अतिरिक्त पुलिस महानिरीक्षक श्री संजय कुमार, आईपीएस के दिशा-निर्देशों तथा उप पुलिस महानिरीक्षक सह संयुक्त पुलिस आयुक्त फरीदाबाद श्री राजेंद्र कुमार मीना, आईपीएस के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। जागरूकता कार्यक्रम एवं पुनर्वास प्रभारी डॉ. अशोक कुमार वर्मा ने संस्थान में पहुंचकर विद्यार्थियों और प्रशिक्षकों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया। डॉ. अशोक कुमार वर्मा ने कहा कि गुलाब दिवस कैंसर से पीड़ित लोगों के प्रति आशा, संवेदना और जीवन के प्रति सकारात्मक संदेश देने का दिन है। गुलाब प्रेम और आशा का प्रतीक है। इसी भावना को नशा मुक्ति अभियान से जोड़ते हुए उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि युवा वर्ग नशे से स्वयं भी दूर रहे और अपने मित्रों, परिवार तथा समाज के अन्य लोगों को भी नशे से बचाने में अपनी भूमिका निभाए। उन्होंने कहा कि नशा व्यक्ति के शरीर, परिवार, शिक्षा, रोजगार और सामाजिक जीवन पर गंभीर प्रभाव डाल सकता है। तंबाकू, धूम्रपान तथा अन्य नशीले पदार्थों का सेवन स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरे पैदा कर सकता है। इसलिए युवाओं को नशे के आकर्षण से बचते हुए खेल, योग, व्यायाम, अध्ययन, कौशल विकास और सामाजिक सेवा जैसी सकारात्मक गतिविधियों से जुड़ना चाहिए। कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणामों, नशे की लत में आने से बचने के उपाय तथा नशे की समस्या से जूझ रहे व्यक्तियों के पुनर्वास के संबंध में भी जानकारी दी गई। कार्यक्रम में सुंदर सिंह, अकील अहमद एवं अन्य प्रशिक्षकों व अनुदेशकों सहित 190 विद्यार्थियों और 20 प्रशिक्षकों ने भाग लिया। डॉ. अशोक कुमार वर्मा ने कहा कि युवाओं की ऊर्जा देश की सबसे बड़ी शक्ति है। यदि यही ऊर्जा नशे से बचाकर शिक्षा, कौशल, खेल, सेवा और राष्ट्र निर्माण में लगाई जाए तो समाज को नई दिशा मिल सकती है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे स्वयं नशे से दूर रहें और कम से कम दस अन्य लोगों को भी नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करें। कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों एवं प्रशिक्षकों ने “नशा छोड़ो, आगे बढ़ो” तथा “नशामुक्त एवं स्वस्थ हरियाणा—जहाँ दूध-दही का खाना” जैसे संदेशों के माध्यम से नशे के विरुद्ध जन जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया। नशे के विरुद्ध राष्ट्रीय नारकोटिक्स हेल्पलाइन 1933 पर गुप्त सूचनाएं देने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर मुख्य सिपाही दीपक विशेष रूप से उपस्थित रहे।
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