शिक्षक-पालक सम्मेलन में शिक्षा की गुणवत्ता और बच्चों के भविष्य को लेकर हुआ मंथन

सकेत । संस्कार विद्या मंदिर उच्चतर माध्यमिक शाला सकेत में 2 अक्टूबर को शिक्षक-पालक सम्मेलन का आयोजन उत्साह एवं गरिमामय वातावरण में किया गया । सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य विद्यालय एवं पालकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति एवं सर्वांगीण विकास को नई दिशा देना रहा ।
कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय परिवार एवं उपस्थित पालकों द्वारा सर्वप्रथम माँ सरस्वती जी की विधिवत पूजा-अर्चना के साथ किया गया । इसके पश्चात विद्यालय के प्राचार्य दिनेश जायसवाल एवं प्रधानपाठिका मनीषा मैडम जी ने पालकों से बच्चों की वर्तमान शैक्षणिक प्रगति तथा आगामी शिक्षण योजनाओं को लेकर विस्तारपूर्वक चर्चा की ।
इस अवसर पर बच्चों की पढ़ाई को बेहतर बनाने, उनकी विषयगत समझ को मजबूत करने तथा प्रत्येक विद्यार्थी की शैक्षणिक आवश्यकताओं के अनुरूप शिक्षण व्यवस्था को प्रभावी बनाने पर विशेष रूप से विचार-विमर्श किया गया । प्राचार्य एवं प्रधानपाठिका ने कहा कि विद्यार्थियों की सफलता में शिक्षक ,पालक और बालक की समान एवं महत्वपूर्ण भूमिका होती है । शिक्षकों और पालकों के बीच निरंतर संवाद से बच्चों की प्रतिभा को पहचानने तथा उनकी कमियों को दूर करने में मदद मिलती है ।
सम्मेलन के दौरान उपस्थित पालकों ने भी अपने विचार एवं सुझाव साझा किए । पालकों ने विद्यालय द्वारा बच्चों की शिक्षा एवं विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए भविष्य में भी इसी प्रकार सहयोग एवं सहभागिता बनाए रखने की बात कही ।
कार्यक्रम में विद्यालय के लगभग सभी पालकों की उपस्थिति रही । साथ ही विद्यालय के सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं ने उपस्थित होकर सम्मेलन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई । पालकों की उत्साहपूर्ण सहभागिता ने कार्यक्रम को सार्थक बनाया ।
विद्यालय प्रबंधन ने कहा कि विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए शिक्षक, पालक और विद्यार्थी के बीच बेहतर तालमेल के साथ निरंतर प्रयास किए जाएंगे। सम्मेलन का उद्देश्य केवल बच्चों की शैक्षणिक प्रगति की समीक्षा करना नहीं, बल्कि उनके बेहतर भविष्य की मजबूत नींव तैयार करना भी रहा ।
ताजा खबरों के लिए बने रहें वन्दे भारत टीवी लाइव न्यूज से चित्रसेन वर्मा के साथ ।।
🔔 Vande Bharat News Alerts
नई प्रमुख खबरों की browser notification पाने के लिए Subscribe करें।






