*अरबन हाट में 11 अक्टूबर से सजेगा ‘दीपोत्सव क्राफ्ट बाजार’, स्थानीय हस्तशिल्प उत्पादों को मिलेगा विपणन का मंच*

*#जोधपुर*
*अरबन हाट में 11 अक्टूबर से सजेगा ‘दीपोत्सव क्राफ्ट बाजार’, स्थानीय हस्तशिल्प उत्पादों को मिलेगा विपणन का मंच*
*-पंच गौरव कार्यक्रम के तहत ओडीओपी प्रदर्शनी में हस्तशिल्प, लाइव डेमो, सांस्कृतिक कार्यक्रम और फूड कोर्ट होंगे आकर्षण का केंद्र*
*-जोधपुर के पारंपरिक हस्तशिल्प एवं स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने की पहल; प्रतिदिन दोपहर 3 से रात 9 बजे तक रहेगा आयोजन*
जोधपुर, 8 अक्टूबर। जिला प्रशासन, जिला उद्योग एवं वाणिज्य केन्द्र तथा उद्यम प्रोत्साहन संस्थान, जोधपुर के संयुक्त तत्वावधान में नवरात्रा एवं दीपावली के अवसर पर पाली रोड स्थित अरबन हाट में 11 अक्टूबर 2026 से ‘दीपोत्सव क्राफ्ट बाजार’ एवं पंच गौरव कार्यक्रम के अंतर्गत ओडीओपी प्रदर्शनी का आयोजन किया जाएगा। प्रदर्शनी का उद्देश्य स्थानीय हस्तशिल्पियों, कारीगरों एवं स्वयं सहायता समूहों को उनके उत्पादों के प्रदर्शन एवं विपणन के लिए मंच उपलब्ध कराना है।
*स्थानीय हस्तशिल्प एवं ओडीओपी उत्पादों का होगा प्रदर्शन एवं विक्रय*
संयुक्त आयुक्त (उद्योग एवं वाणिज्य) एवं महाप्रबंधक श्रीमती पूजा मेहरा ने बताया कि जोधपुर का वुडन हैंडीक्राफ्ट फर्नीचर वैश्विक स्तर पर शहर की विशिष्ट पहचान है। पंच गौरव कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित ओडीओपी प्रदर्शनी में हस्तशिल्पियों एवं स्वयं सहायता समूहों द्वारा विभिन्न स्थानीय उत्पादों का प्रदर्शन एवं विक्रय किया जाएगा।
प्रदर्शनी में लकड़ी के फर्नीचर, लाख की चूड़ियां, कोटा डोरिया के परिधान, रेशम की साड़ियां, वुडन एवं मेटल हैंडीक्राफ्ट, आरी-तारी, जूट बैग, पॉटरी, बुटीक, पेंटिंग, गारमेंट्स, मैट, पर्दे, खादी एवं ग्रामोद्योग उत्पाद, दरियां तथा हाथ से निर्मित मसाले, पापड़, अचार एवं अन्य खाद्य सामग्री की स्टॉल्स लगाई गई हैं।
*म्यूजियम हॉल में प्रदर्शित होगी पारंपरिक कारीगरी*
अरबन हाट परिसर स्थित म्यूजियम हॉल में लकड़ी के फर्नीचर, यूजेन हैंडीक्राफ्ट, बोन हैंडीक्राफ्ट, इनले वर्क, गोल्ड एम्बोज वर्क सहित जसवंत थड़ा एवं एक थंबा महल के केमल बोन से निर्मित बारीक कारीगरी के मॉडल आमजन के अवलोकन के लिए प्रदर्शित किए जाएंगे।
*जीवंत प्रदर्शन के माध्यम से दिखेगी कारीगरों की हुनरमंदी*
श्रीमती मेहरा ने बताया कि प्रदर्शनी में विभिन्न पारंपरिक शिल्पों का जीवंत प्रदर्शन भी किया जाएगा। जीयाबेरी के वरिष्ठ कारीगर श्री मगाराम प्रजापत द्वारा लूम पर सूती दरी बनाने, पोकरण के श्री प्रयाग राम द्वारा चाक पर मिट्टी के उत्पाद तैयार करने तथा गडसूरिया के श्री रामरख जाट द्वारा लकड़ी एवं लोहे के फर्नीचर पर कॉटन रस्सी से बुनाई कार्य का प्रदर्शन किया जाएगा। इसके साथ ही आरी-तारी एवं पेपर मैशी उत्पादों का भी जीवंत प्रदर्शन किया जाएगा।
*फूड कोर्ट, झूले और सांस्कृतिक कार्यक्रम रहेंगे विशेष आकर्षण*
प्रदर्शनी में हस्तशिल्प उत्पादों के प्रदर्शन एवं विपणन के साथ आमजन के लिए फूड कोर्ट की व्यवस्था भी की गई है। बच्चों के मनोरंजन के लिए झूलों का संचालन किया जाएगा। इसके अतिरिक्त प्रतिदिन सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन होगा। प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों का प्रथम एवं द्वितीय स्थान के लिए चयन कर उन्हें मोमेंटो प्रदान किए जाएंगे।
*स्थानीय कारीगरों को प्रोत्साहन देने के लिए आमजन से सहभागिता का आह्वान*
श्रीमती मेहरा ने जोधपुरवासियों से स्थानीय कारीगरों एवं हस्तशिल्पियों को प्रोत्साहन देने के लिए प्रदर्शनी में अधिकाधिक संख्या में पहुंचने का आह्वान किया है। उन्होंने बताया कि प्रदर्शनी का समय प्रतिदिन अपराह्न 3 बजे से रात्रि 9 बजे तक रहेगा। प्रदर्शनी के माध्यम से आमजन को स्थानीय हस्तशिल्प एवं पारंपरिक उत्पादों को देखने, खरीदने तथा कारीगरों के हुनर से रूबरू होने का अवसर मिलेगा।
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