समाजशास्त्र के विविध आयाम एवं समाजशास्त्र में रोजगार के अवसरों पर एक दिवसीय कार्यशाला एवं व्याख्यान माला का आयोजन

सागर।वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज रिपोर्टर सुशील द्विवेदी 8225072664 * मकरोनिया प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस, शासकीय महाविद्यालय मकरोनिया में समाजशास्त्र विभाग द्वारा “समाजशास्त्र के विविध आयाम एवं समाजशास्त्र में रोजगार के अवसर” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला एवं व्याख्यानमाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन एवं प्रभारी दायित्व डॉ.
रश्मि यादव, सहायक प्राध्यापक समाजशास्त्र द्वारा निभाया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ.
अजय सिंह ठाकुर ने की। मुख्य वक्ता डॉ.
राजेंद्र यादव, सहायक प्राध्यापक, शासकीय महाविद्यालय ढाना तथा विशिष्ट वक्ता डॉ. राजेश चौधरी, सहायक प्राध्यापक समाजशास्त्र, शासकीय महाविद्यालय मकरोनिया रहे।
मुख्य वक्ता डॉ. राजेंद्र यादव ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि समाजशास्त्र समाज की संरचना, सामाजिक संबंधों, संस्थाओं, प्रक्रियाओं और परिवर्तन को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से समझने वाला महत्वपूर्ण विषय है।
वर्तमान समय में समाज में तेजी से हो रहे परिवर्तनों के कारण समाजशास्त्र की उपयोगिता और भी बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि समाजशास्त्र के विद्यार्थियों के लिए शिक्षा एवं शोध के साथ-साथ प्रशासन, सामाजिक क्षेत्र, गैर-सरकारी संस्थाओं, ग्रामीण एवं जनजातीय विकास, महिला एवं बाल विकास, मानव संसाधन प्रबंधन तथा विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में रोजगार की व्यापक संभावनाएं हैं।
विशिष्ट वक्ता डॉ. राजेश चौधरी ने समाजशास्त्र के विभिन्न आयामों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि समाजशास्त्र विद्यार्थियों को सामाजिक समस्याओं को समझने और उनके समाधान की दिशा में वैज्ञानिक सोच विकसित करने का अवसर प्रदान करता है।
उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि विषय के ज्ञान के साथ अनुसंधान कौशल, संचार कौशल, डिजिटल तकनीक एवं डेटा विश्लेषण जैसे आधुनिक कौशल विकसित करना आवश्यक है। इससे विद्यार्थी बदलते रोजगार बाजार में बेहतर अवसर प्राप्त कर सकते हैं।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्राचार्य डॉ. अजय सिंह ठाकुर ने कहा कि महाविद्यालय में इस प्रकार की विषयपरक एवं रोजगारोन्मुखी गतिविधियां विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को अपने विषय की जानकारी के साथ उसके व्यावहारिक पक्ष को भी समझना चाहिए। उन्होंने समाजशास्त्र विभाग द्वारा आयोजित इस पहल की सराहना करते हुए विद्यार्थियों को उपलब्ध अवसरों का सकारात्मक उपयोग करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम प्रभारी डॉ. रश्मि यादव, सहायक प्राध्यापक समाजशास्त्र ने कहा कि कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को समाजशास्त्र के व्यापक स्वरूप से परिचित कराने के साथ-साथ समाजशास्त्र विषय में उपलब्ध उच्च शिक्षा, शोध एवं रोजगार के अवसरों की जानकारी देना है।
उन्होंने कहा कि समाजशास्त्र का क्षेत्र निरंतर विस्तृत हो रहा है और विद्यार्थियों के लिए अकादमिक क्षेत्र के साथ-साथ सामाजिक विकास एवं विभिन्न व्यावसायिक क्षेत्रों में भी अनेक संभावनाएं हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने विषय के प्रति रुचि विकसित करने तथा कौशल आधारित शिक्षा पर ध्यान देने का आह्वान किया।
क्योंकि आज का विद्यार्थी ही कल के समाज का निर्माता है "
कार्यशाला में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए विशेषज्ञ वक्ताओं से समाजशास्त्र में उच्च शिक्षा, शोध, प्रतियोगी परीक्षाओं एवं रोजगार से संबंधित प्रश्न पूछे। वक्ताओं ने विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए उन्हें आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया।
कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राध्यापकगण एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन एवं आभार कार्यक्रम अधिकारी डॉ.
रश्मि यादव के द्वारा अतिथियों, प्राचार्य, वक्ताओं, प्राध्यापकगण एवं विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।
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