आगर-मालवा। दीपावली के उल्लास के बीच जनसुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों पर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। त्योहार के दौरान विस्फोट, आगजनी और गंभीर हादसों की आशंका को देखते हुए कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी डॉ. शेर सिंह मीना ने जिले में हाथ से बनाए जाने वाले देसी पटाखों, प्लास्टिक पाइप गन और अन्य स्वनिर्मित विस्फोटक उपकरणों पर तत्काल प्रभाव से पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। प्रशासन के इस फैसले का उद्देश्य त्योहार के दौरान संभावित दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाना और आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
*जरा-सी लापरवाही बन सकती है जानलेवा*
प्रशासन के अनुसार प्लास्टिक पाइप, धातु अथवा अन्य सामग्रियों से तैयार की जाने वाली ऐसी गन और पटाखों में रासायनिक पदार्थ भरकर विस्फोट किया जाता है। तकनीकी मानकों और सुरक्षा उपायों के अभाव में तैयार ये उपकरण बेहद खतरनाक साबित हो सकते हैं। इनके इस्तेमाल से विस्फोट, आगजनी, गंभीर चोट, जनहानि और संपत्ति को नुकसान पहुंचने की आशंका बनी रहती है।
*निर्माण से लेकर इस्तेमाल तक पर रोक*
जारी आदेश के तहत ऐसे असुरक्षित उपकरणों के निर्माण, भंडारण, विक्रय, परिवहन और उपयोग पर प्रतिबंध लगाया गया है। आदेश का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध विस्फोटक अधिनियम, 1884, विस्फोटक नियम, 2008 तथा भारतीय न्याय संहिता, 2023 के प्रावधानों के तहत वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
*पटाखा दुकानों और संदिग्ध ठिकानों पर रहेगी नजर*
कलेक्टर ने सभी एसडीएम, एसडीओपी, कार्यपालिक दण्डाधिकारियों और थाना प्रभारियों को निर्देश दिए हैं कि वे पटाखा दुकानों, फुटकर विक्रेताओं और ऐसे उपकरणों के निर्माण या बिक्री की आशंका वाले स्थानों का सतत निरीक्षण करें। प्रतिबंध का प्रभावी पालन सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
प्रशासन का स्पष्ट संदेश है कि दीपावली की खुशियां मनाते समय सुरक्षा से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। असुरक्षित पटाखों और स्वनिर्मित विस्फोटक उपकरणों से दूरी बनाकर ही त्योहार को सुरक्षित बनाया जा सकता है।