आगर-मालवा। रबी सीजन में किसानों को उर्वरक की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए जिले में पर्याप्त भंडारण किया गया है। शासन द्वारा उज्जैन और शाजापुर रैक पॉइंट से लगातार उर्वरकों की आपूर्ति की जा रही है। कृषि विभाग के अनुसार, जिले में वर्तमान में यूरिया, डीएपी, एनपीकेएस, एमओपी और एसएसपी सहित विभिन्न उर्वरकों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है।
*एसएसपी का सर्वाधिक भंडारण*
उप संचालक कृषि गोपेश पाठक के अनुसार, जिले में वर्तमान में उर्वरकों का भंडारण इस प्रकार है—
*यूरिया: 2,704 मीट्रिक टन*
*डीएपी: 2,658 मीट्रिक टन*
*एनपीकेएस: 3,657 मीट्रिक टन*
*एमओपी: 97 मीट्रिक टन*
*एसएसपी: 5,763 मीट्रिक टन*
इस प्रकार जिले में कुल 14,879 मीट्रिक टन उर्वरक उपलब्ध है। वहीं, रबी फसलों के लिए अब तक किसानों को यूरिया 12,186 मीट्रिक टन, डीएपी 6,795 मीट्रिक टन, एमओपी 273 मीट्रिक टन, एनपीकेएस 5,895 मीट्रिक टन और एसएसपी 10,767 मीट्रिक टन वितरित किया जा चुका है।
*गेहूं का रकबा 1.48 लाख हेक्टेयर रहने का अनुमान*
कृषि विभाग के अनुमान के अनुसार, रबी वर्ष 2026-27 में जिले में गेहूं की बोवनी 1,48,500 हेक्टेयर क्षेत्र में होने की संभावना है। इसके अलावा चना 5,500 हेक्टेयर, मसूर 9,500 हेक्टेयर, राई-सरसों 16,100 हेक्टेयर और अलसी 500 हेक्टेयर क्षेत्र में बोई जा सकती है। रबी फसलों के संभावित रकबे को देखते हुए उर्वरकों की उपलब्धता बनाए रखने पर जोर दिया जा रहा है।
*ई-टोकन से निर्धारित मूल्य पर मिलेगा उर्वरक*
कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे रबी सीजन 2026-27 के लिए ई-विकास प्रणाली के माध्यम से ई-टोकन बनवाकर उर्वरक प्राप्त करें। किसान अपनी पसंद के उर्वरक विक्रेता से फसल के लिए अनुशंसित मात्रा में निर्धारित मूल्य पर खाद खरीद सकेंगे।
ई-टोकन व्यवस्था के माध्यम से किसानों को आवश्यकतानुसार उर्वरक उपलब्ध कराने और वितरण प्रक्रिया को सुविधाजनक बनाने का प्रयास किया जा रहा है। किसानों से आग्रह किया गया है कि वे इस व्यवस्था का लाभ उठाएं और फसल की आवश्यकता के अनुसार ही उर्वरकों का उपयोग करें।