GMS अजयपुर में अतिथि शिक्षिका के साथ कथित दुर्व्यवहार का मामला, नियुक्ति के बाद से मानसिक प्रताड़ना के आरोप

वंदे भारत लाइव टीवी पर पूर्व में उठ चुका है भर्ती के एवज में कथित धनराशि मांगने का मामला, अब अतिथि शिक्षिका के सम्मान और कार्यस्थल पर भेदभाव को लेकर सवाल
ग्वालियर। GMS अजयपुर एक बार फिर गंभीर आरोपों को लेकर चर्चा में है। कुछ दिन पूर्व वंदे भारत लाइव टीवी पर प्रसारित खबर में स्कूल प्रभारी श्री मनोज अरोरा के साथ मिलकर माध्यमिक शिक्षिका सपना दीक्षित पर अतिथि शिक्षक की भर्ती के एवज में कथित रूप से धनराशि ऐंठने की कोशिश किए जाने के आरोप सामने आए थे। बताया गया था कि समाचार पत्रों में खबर प्रकाशित होने के बाद कथित तौर पर यह प्रयास सफल नहीं हो सका।
अब इसी विद्यालय में अतिथि शिक्षिका के रूप में नियुक्ति प्राप्त करने के बाद एक नई समस्या सामने आ रही है। आरोप हैं कि विद्यालय में पदस्थ कुछ स्थायी महिला शिक्षिकाओं द्वारा अतिथि शिक्षिका के साथ लगातार असम्मानजनक व्यवहार किया जा रहा है। उन्हें नीचा दिखाने, उनकी गरिमा को ठेस पहुंचाने तथा अनावश्यक कार्यों के माध्यम से मानसिक तनाव देने की शिकायतें सामने आई हैं।
मामले का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि अतिथि शिक्षिका की नियुक्ति अंग्रेजी विषय में माध्यमिक शिक्षक वर्ग-2 के पद पर हुई है, लेकिन उनसे प्राथमिक कक्षाओं को भी पढ़वाया जा रहा है। जबकि विद्यालय में अंग्रेजी विषय के दो नियमित शिक्षक पहले से ही प्राथमिक स्तर पर पदस्थ बताए जा रहे हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि निर्धारित पद और विषय के अनुरूप कार्य लेने के बजाय अतिथि शिक्षिका पर अतिरिक्त जिम्मेदारी डालने की आवश्यकता क्यों पड़ रही है?
शिकायतों के अनुसार, विद्यालय की कुछ नियमित शिक्षिकाओं का व्यवहार अतिथि शिक्षिका के प्रति उपेक्षापूर्ण और अपमानजनक रहता है। आए दिन किसी न किसी बात को लेकर तनावपूर्ण परिस्थितियां निर्मित की जाती हैं। अतिथि शिक्षिका को ऐसा महसूस कराया जा रहा है मानो उनकी नियुक्ति और उनकी सेवाओं का कोई सम्मान ही नहीं है।
यह भी उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी विद्यालय में अतिथि शिक्षकों के साथ कथित दोयम दर्जे के व्यवहार को लेकर समाचार पत्रों एवं मीडिया में खबरें प्रकाशित हो चुकी हैं। इसके बावजूद यदि परिस्थितियों में सुधार नहीं हुआ है, तो यह जिला शिक्षा प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या अतिथि शिक्षक केवल कम मानदेय पर काम करने और अपमान सहने के लिए नियुक्त किए जाते हैं? नियमित और अतिथि शिक्षकों के बीच वेतन का अंतर अपनी जगह है, लेकिन कार्यस्थल पर सम्मान, गरिमा और समान मानवीय व्यवहार का अधिकार सभी को है।
प्रशासन से प्रमुख मांगें
GMS अजयपुर में अतिथि शिक्षिका के साथ कथित दुर्व्यवहार एवं मानसिक प्रताड़ना के आरोपों की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
विद्यालय में कार्य आवंटन की समीक्षा कर अतिथि शिक्षिका से उनकी नियुक्ति एवं विषय के अनुरूप कार्य लिया जाए।
विद्यालय में पूर्व में सामने आए भर्ती संबंधी आरोपों की भी निष्पक्ष जांच कराई जाए।
अतिथि शिक्षिका को शिकायत करने पर किसी प्रकार की प्रताड़ना या दबाव का सामना न करना पड़े, इसकी व्यवस्था की जाए।
डीपीई एवं जिला शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी विद्यालय का निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति का पता लगाएं और दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करें।
अब देखना यह है कि शिक्षा विभाग इस मामले को गंभीरता से लेकर अतिथि शिक्षिका को सम्मानजनक कार्य वातावरण उपलब्ध कराता है या फिर पूर्व की तरह शिकायतों और मीडिया की खबरों के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी मौन बने रहते हैं।
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