निर्धारित स्थलो पर ग्रीन आतिशबाजी के अस्थाई विक्रय की मिलेगी अनुमति-जिला कलक्टर बिना अनुज्ञापत्र एवं निर्धारित स्थलों के अतिरिक्त पटाखों की बिक्री करने पर होगी सख्त कानूनी कार्रवाई

निर्धारित स्थलो पर ग्रीन आतिशबाजी के अस्थाई विक्रय की मिलेगी अनुमति-जिला कलक्टर
बिना अनुज्ञापत्र एवं निर्धारित स्थलों के अतिरिक्त पटाखों की बिक्री करने पर होगी सख्त कानूनी कार्रवाई
भरतपुर, 05 नवम्बर। जिला कलक्टर कमर चौधरी ने दीपावली पर्व के मद्देनजर आमजन की सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण तथा कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में शामिल भरतपुर जिले में ग्रीन आतिशबाजी के अस्थाई विक्रय एवं अनुज्ञापत्र जारी करने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
जिला कलक्टर ने बताया कि माननीय सर्वाेच्च न्यायालय, नई दिल्ली में विचाराधीन रिट याचिका एवं पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, राज्य सरकार के निर्देशों की पालना में जिले में 6 नवम्बर से 8 नवम्बर तक निर्धारित शर्तों के अनुसार केवल ग्रीन आतिशबाजी के विक्रय की अनुमति दी जाएगी। उन्होंने बताया कि ग्रीन आतिशबाजी के अस्थाई विक्रय हेतु अनुज्ञापत्र प्राप्त करने के इच्छुक व्यक्ति अपने संबंधित क्षेत्र के नगर निगम अथवा नगर पालिका कार्यालय में निर्धारित आवेदन पत्र के साथ 6 नवम्बर को दोपहर 12 बजे तक आवेदन प्रस्तुत कर सकेंगे।
संबंधित नगर निगम आयुक्त एवं नगर पालिका के अधिशाषी अधिकारियों द्वारा नियमानुसार निर्धारित प्रक्रिया के तहत अस्थाई अनुज्ञापत्र जारी किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि आवेदन के साथ निर्धारित प्रपत्र एई-5, आधार कार्ड, राशन कार्ड, मूल निवास प्रमाण पत्र, पासपोर्ट साइज फोटो, पुलिस चरित्र सत्यापन रिपोर्ट, जन्मतिथि प्रमाणित करने के लिए सक्षम अधिकारी द्वारा जारी प्रमाण पत्र अथवा अन्य मान्य दस्तावेज तथा पूर्व में जारी लाइसेंस की प्रति (यदि लागू हो) संलग्न करनी होगी।
इसके अतिरिक्त निर्धारित मद में गैर-वापसी योग्य शुल्क जमा कराने की चालान प्रति भी प्रस्तुत करनी होगी। *लॉटरी से होगा दुकानों का आवंटन*
उन्होंने बताया कि निर्धारित क्षेत्र में उपलब्ध चिन्हित भूखंडों की संख्या से अधिक आवेदन प्राप्त होने पर दुकानों का आवंटन लॉटरी प्रक्रिया के माध्यम से किया जाएगा।
आतिशबाजी विक्रय के लिए खुले एवं सार्वजनिक स्थलों का चयन संबंधित उपखण्ड मजिस्ट्रेट, पुलिस उप अधीक्षक, नगर निगम अथवा नगर पालिका के अधिकारियों, विकास अधिकारी एवं संबंधित विभागों के समन्वय से किया जाएगा। उन्होंने बताया कि चिन्हित स्थलों पर दुकानों के संचालन के लिए पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
नगर निगम एवं नगर पालिका द्वारा फायर टेंडर, पानी, सफाई तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इन व्यवस्थाओं के एवज में निर्धारित शुल्क संबंधित अनुज्ञापत्रधारियों से रसीद देकर वसूल किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि सर्वाेच्च न्यायालय के निर्देशानुसार प्रत्येक अस्थाई अनुज्ञापत्रधारी को 5 हजार रुपये की मौद्रिक सुरक्षा राशि चेक अथवा डिमांड ड्राफ्ट के माध्यम से संबंधित उपखण्ड अधिकारी के नाम जमा करानी होगी। दीपावली के पश्चात किसी प्रकार की पुलिस कार्रवाई लंबित नहीं होने की स्थिति में यह राशि 13 नवम्बर तक वापस किया जाना सुनिश्चित किया जाएगा।
*ऑनलाइन बिक्री एवं अनधिकृत पटाखों पर प्रतिबंध*
जिला मजिस्ट्रेट ने स्पष्ट किया कि ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के माध्यम से पटाखों की ऑनलाइन बिक्री एवं होम डिलीवरी पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। निर्धारित स्थलों के अतिरिक्त किसी अन्य स्थान पर अस्थाई पटाखा दुकान संचालित नहीं की जा सकेगी।
दुकानों पर केवल अनुमत ग्रीन आतिशबाजी का ही विक्रय किया जाएगा। प्रतिबंधित अथवा अनधिकृत आतिशबाजी का भंडारण एवं विक्रय पूर्णतः निषिद्ध रहेगा।
उन्होंने बताया कि त्योहार के दौरान अस्थाई दुकानें लगाकर सड़कों एवं सार्वजनिक रास्तों पर अतिक्रमण करने से यातायात एवं आपातकालीन सेवाएं प्रभावित होती हैं। इस समस्या की रोकथाम के लिए संबंधित उपखण्ड अधिकारी अपने क्षेत्र में पुलिस उप अधीक्षक, नगर पालिका के अधिशाषी अधिकारी, विकास अधिकारी एवं तहसीलदार का संयुक्त दल गठित करेंगे।
यह दल समय रहते अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करेगा, ताकि अग्निशमन एवं आपातकालीन वाहन निर्बाध रूप से आवागमन कर सकें। *दुकानों पर अग्नि सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम जरूरी*
जिला कलक्टर बताया कि चिन्हित अस्थाई आतिशबाजी विक्रय स्थलों पर धूम्रपान पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा।
प्रत्येक अनुज्ञापत्रधारी को अग्निशमन यंत्र, मिट्टी से भरी लोहे की बाल्टियां, पानी तथा अन्य आवश्यक अग्नि सुरक्षा उपकरण स्वयं उपलब्ध कराने होंगे। संबंधित अधिकारी समय-समय पर दुकानों का आकस्मिक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की जांच करेंगे।
उन्होंने आमजन से अपील की कि दीपावली पर्व पर केवल निर्धारित स्थलों से ही अधिकृत ग्रीन आतिशबाजी खरीदें तथा सुरक्षा एवं पर्यावरण संबंधी दिशा-निर्देशों की पालना करें। बिना लाइसेंस पटाखों का विक्रय करने अथवा निर्धारित शर्तों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध विस्फोटक अधिनियम, 1884, विस्फोटक नियम, 2008 एवं पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986 के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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