आतिशबाजी बेचने के लिए अनुज्ञा पत्र जरूरी है

#आतिशबाजी_बेचने_के_लिए_अनुज्ञापत्र.. भरतपुर।
जिला प्रशासन ने दीपावली के त्यौहार को देखते हुए जिले में सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए ग्रीन आतिशबाजी की बिक्री से जुड़े जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए हैं। जिला कलक्टर कमर चौधरी ने स्पष्ट किया है कि उच्चतम न्यायालय और राज्य सरकार के आदेशों के तहत केवल निर्धारित शर्तों का पालन करने पर ही ग्रीन आतिशबाजी के विक्रय की अनुमति दी जाएगी।
इसके लिए 6 से 8 नवंबर तक तय प्रक्रिया के अनुसार अस्थाई अनुज्ञापत्र जारी किए जाएंगे। व्यापारी संबंधित नगर निगम या नगर पालिका कार्यालय में आवश्यक दस्तावेजों और निर्धारित शुल्क की चालान प्रति के साथ 6 नवंबर को दोपहर 12 बजे तक अपना आवेदन जमा कर सकते हैं।
निर्धारित स्थानों पर उपलब्ध भूखंडों से अधिक आवेदन प्राप्त होने की स्थिति में दुकानों का आवंटन पारदर्शी तरीके से लॉटरी प्रणाली द्वारा किया जाएगा। आतिशबाजी की बिक्री के लिए खुले एवं सुरक्षित स्थलों का चयन उपखंड मजिस्ट्रेट, पुलिस और स्थानीय निकायों के समन्वय से होगा।
सुरक्षा व्यवस्था के तहत प्रत्येक अनुज्ञापत्रधारी को 5,000 रुपये की मौद्रिक सुरक्षा राशि जमा करानी होगी, जो त्योहार के बाद पुलिस कार्रवाई लंबित न होने पर 13 नवंबर तक लौटा दी जाएगी। इसके साथ ही ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के जरिए पटाखों की ऑनलाइन बिक्री और होम डिलीवरी पर पूरी तरह रोक रहेगी।
तय स्थलों के अलावा अन्य किसी भी जगह या सड़कों पर अतिक्रमण करके पटाखे बेचने पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। सभी अस्थाई दुकानों पर धूम्रपान निषेध रहेगा और दुकानदारों को स्वयं अग्निशमन यंत्र, पानी तथा मिट्टी से भरी बाल्टियों जैसे सुरक्षा इंतजाम रखने होंगे।
निर्देशों का उल्लंघन करने या अवैध रूप से पटाखों का भंडारण व विक्रय करने वालों के खिलाफ विस्फोटक अधिनियम और पर्यावरण संरक्षण अधिनियम के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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