बस्ती में ‘लाशों का शहर’: रतनपुरा में अधेड़ की संदिग्ध मौत से सनसनी, पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवाल!

अजीत मिश्रा (खोजी)
बस्ती में मौतों का ‘सिलसिला’ जारी: रतनपुरा में संदिग्ध हालात में मिला अधेड़ का शव, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
बस्ती, 18 जून 2026
- बस्ती में मौतों का सिलसिला जारी: रतनपुरा में संदिग्ध हाल में मिला शव, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार या ‘दफन’ होता सच?
- रतनपुरा हत्याकांड: फॉरेंसिक और स्वाट टीम के बावजूद अंधेरे में बस्ती पुलिस, कब बेनकाब होंगे गुनहगार?
जनपद बस्ती में संदिग्ध मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। एक ओर जहां प्रशासन कानून-व्यवस्था को लेकर दावे करता नहीं थकता, वहीं दूसरी ओर वाल्टरगंज थाना क्षेत्र का रतनपुरा गांव आज एक बार फिर मौत का मूक गवाह बना। गांव के बाहर एक अधेड़ व्यक्ति का शव मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है।
क्या है मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, गुरुवार सुबह करीब 07:00 बजे गांव के बाहर एक शव पड़ा मिला, जिसकी पहचान गांव के ही बाबूलाल चौधरी (50) के रूप में हुई। सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में अफरातफरी मच गई। फॉरेंसिक टीम, स्वाट और सर्विलांस टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाने का ढोंग तो रचा, लेकिन सवाल यह है कि आखिर गांव के बाहर इस तरह एक व्यक्ति की जान कैसे चली गई?
पुलिस के आश्वासन और हकीकत
घटनास्थल पर पहुंचे क्षेत्राधिकारी सदर सत्येंद्र भूषण त्रिपाठी ने हमेशा की तरह वही रटा-रटाया बयान दिया कि—”पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।” पुलिस अधीक्षक डॉ. यशवीर सिंह के निर्देश पर विशेष टीम के गठन की बात भी कही गई है। लेकिन बस्ती की जनता अब इन आश्वासनों से ऊब चुकी है। पुलिस का ‘साक्ष्य संकलन’ और ‘जांच प्रचलित है’ का खेल कब तक चलेगा?
प्रशासन की ढिलाई या अपराधियों के हौसले?
रतनपुरा में हुई इस घटना ने स्थानीय सुरक्षा व्यवस्था की कलई खोलकर रख दी है। यदि यह हत्या है, तो अपराधी इतने बेखौफ कैसे हैं कि वे गांव के बाहर शव फेंककर निकल जाते हैं? और यदि यह कोई दुर्घटना है, तो भी सवाल स्थानीय पुलिस की गश्त पर उठता है कि उन्हें गांव के बाहर संदिग्ध परिस्थितियों में शव मिलने की भनक तक नहीं लगी।
परिजनों की तहरीर पर मुकदमा दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू तो कर दी गई है, लेकिन असली चुनौती इस रहस्य को सुलझाने की है। बस्ती की जनता अब केवल ‘जांच’ नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाई और सुरक्षा की गारंटी चाहती है। क्या पुलिस इस मामले का जल्द अनावरण कर पाएगी, या यह मामला भी फाइलों के बोझ तले दबकर दम तोड़ देगा?
जनपद में एक के बाद एक मिल रहे शवों ने बस्ती के शांत वातावरण को डरावना बना दिया है। यदि पुलिस ने जल्द ही दोषियों को सलाखों के पीछे नहीं भेजा, तो लोगों का कानून से भरोसा उठना लाजिमी है।
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